देहरादून – प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच राहत की ख़बर आई है। शुक्रवार को ही ड्रग कंट्रोलर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देहरादून के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों तक पहुँचा दिया था।
इंरेमडिसिविर इंजेक्शन की नई खेप भी प्रदेश को जल्द ही मिलने की उम्मीद है। सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि अगर कोई अस्पताल रेमडिसिविर इंजेक्शन को लेकर मरीज़ों या उनके परिजनों को परेशान करता है तो उसकी तुरंत करें, जिससे किसी भी तरीके कालाबाजारी करने वालों को बढ़ावा न मिल सके। चेतावनी देते हुए कहा गया है कि कोई भी मेडिकल स्टोर तय कीमत से ज्यादा पर दवाई देता है तो उसकी शिकायत करें।
कोरोना संकट के दौर रेमडेसिविर इंजेक्शन मरीजों के लिए संजीवनी बूटी का काम कर रही है। हालांकि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए कोई भी 100 फीसदी कारगर दवाई नहीं है। कोरोना की वजह से फेफड़ों में संक्रमण होता है और फिर मरीज निमोनिया की चपेट में आ जाता है। रेमडेसिविर इंजेक्शन फेफड़े के इंफेक्शन से बचाता है, यही वजह है कि डॉक्टर कई कोरोना मरीज़ो को रेमडेसिविर के इंजेक्शन देते हैं। अब मरीज़ों और उनके परिजनों को हॉस्पिटल में ही रेमडिसिविर इंजेक्शन मिल सकेगा।
देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते रेमडेसिवीर इंजेक्शन की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। कई राज्यों में रेमडेसिवीर इंजेक्शन को ब्लैक में बेचने की खबरें भी सामने आई है।

