हरिद्वार – बीजेपी के पूर्व विधायक रविदास आचार्य सुरेश राठौड़ ने श्री गुरु रविदास अखाड़े को 14 वें अखाड़े की मान्यता देने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी से मुलाकात की और अन्य 13 अखाड़ों की तरह अपने द्वारा बनाए गए श्री गुरु रविदास अखाड़े को 14 वें अखाड़े के रूप में मान्यता देने की मांग की।
इस दौरान सुरेश राठौर ने कहा कि सनातन धर्म के प्रचार प्रसार और रविदास जी भत्तों के उत्थान का उद्देश लेकर उन्होंने अलग अखाड़ा बनाया है इसलिए उन्हें उम्मीद है कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी में श्री गुरु रविदास अखाड़े को 14 वें अखाड़े के रूप में मान्यता जरूर देंगे। उन्होंने ये भी कहा कि आगामी कुंभ मेले के दौरान वो अपने अखाड़े से जुड़े लोगों के साथ मिलकर शाही स्नान में हिस्सा लेंगे और शक्ति प्रदर्शन भी करेंगे।
वही महंत रविंद्रपुरी ने रविदास आचार्य सुरेश राठौर द्वारा बनाए गए अखाड़े की सराहना तो की लेकिन 14 वें अखाड़े के रूप में मान्यता देने से इंकार किया है। महंत रविंद्रपुरी का कहना है कि 13 अखाड़ों की स्थापना भगवान शंकर के अवतार ऋषि मुनियों ने की है। उनके द्वारा बनाए गई संस्थाओं को बनाना उनका कार्य है। रविदास आचार्य सुरेश राठौर द्वारा सनातन धर्म के प्राचार प्रसार के लिए श्री गुरु रविदास अखाड़ा बनाए जाने का फैसला स्वागत योग्य है लेकिन उन्हें 14 वें अखाड़े के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती। हालांकि महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान उनके रविदास अखाड़े से जुड़े लोग किसी भी अखाड़े के साथ मिलकर शाही स्नान कर सकते है।

