हरिद्वार – प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान के तहत 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा साधु संतो से सहयोग मांगा गया है। इसी क्रम में आगे आते हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी ने टीबी के 100 मरीजों को गोद लिया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी की उपस्थिति में महंत रविंद्रपुरी ने सभी मरीजों को प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री किट प्रदान की गई। इस दौरान महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए अन्य साधु संतो के साथ ही समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए। सरकार टीबी के मरीजों को निशुल्क जांच और दवाएं तो उपलब्ध करा रही है लेकिन उन्हें प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ नहीं मिल पाते। इसलिए उन्होंने टीबी के 100 मरीजों को गोद लिया है और जब उनकी ये बीमारी ठीक नहीं होगी तब तक वो इसी तरह उन्हें खाद्य सामग्री देते रहेंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि आज भी लोग टीबी को छुआछूत की बीमारी समझकर मरीजों से भेदभाव रखते है लेकिन जब संत समाज इन लोगो के लिए आगे आयेंगे तो निश्चित रूप से प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान जरूर सफल होगा।

