सचिन कुमार

हरिद्वार – उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा धर्मांतरण कानून के फैसले का साधु संतों ने स्वागत किया है। कानून के तहत धर्मांतरण कराने वाले को दस की सजा और 50 हजार तक के जुर्माने का प्रावधान है। फैसले का हरिद्वार के साधु संतो ने धामी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है।

धामी सरकार का आभार व्यक्त करते हुए साधु संतो ने कहा कि इससे प्रदेश में धर्मांतरण पर रोक लगेगी। आज बड़े स्तर पर साजिश के तहत देश में धर्मांतरण कराया जा रहा है। सनातन धर्म के लोग सबसे ज्यादा इसके शिकार हो रहे है। इतना ही नहीं साधु संतो ने दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब कोई भी गैर हिन्दू सनातन धर्म के बच्चों को बहकाकर जबरन धर्मांतरण नही करा सकता है। इसलिए वो अन्य प्रदेशों की सरकार से भी यही मांग करते हैं कि उत्तराखंड की तर्ज पर वो भी अपने अपने राज्यों में धर्मांतरण कानून को सख्त बनाएं।

धर्मांतरण कानून में सख्ती करके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐतिहासिक काम किया है। इससे सनातन धर्म के बच्चों को कोई भी धर्मांतरण नहीं करा सकेगा – महन्त रविंद्रपुरी, अध्यक्ष, अखाड़ा परिषद

पूरे विश्व में सनातन धर्म के विरुद्ध साजिश के तहत धर्मांतरण किया जा रहा है लेकिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून लाकर बेहतर काम किया है। अन्य राज्य की सरकारों को भी इस पर विचार करना चाहिए — महंत ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर

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