हरिद्वार – 30 जनवरी को मोहम्मदपुर जट में वृद्ध व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए अधीनस्थों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए टीमों का गठन किया।

वहीं घटना की सूचना मिलते ही गांव में चौतरफा सनसनी फैल गई। पुलिस को प्रारंभिक तौर पर दिखा कि किसी धारदार हथियार से हत्या को अंजाम दिया गया है। घटना के सबंध में लिखित शिकायत मिलने पर कोतवाली मंगलौर में आईपीसी की धाराओं के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

गठित की गई कई पुलिस टीमों को जानकारी मिली, जानकारियों को आपस में जोड़ते हुए यह प्रकाश में आया कि संदिग्ध अंकित जो लगातार अपने ठिकाने बदलता है तथा जंगलों में निवास करता है, का मृतक से वार्तालाप होता था लेकिन पिछले कुछ समय से विवाद भी था। 3 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर नारसन क्षेत्र से संदिग्ध (अंकित) को दबोचकर पूछताछ की गई तो सारा मामला सामने आ गया। यह भी जानकारी में आया कि उक्त अंकित कई दिनों बाद राजस्थान से वापस लौटा था।

पूछताछ में सामने आया कि अंकित की दोस्ती रमेश (मृतक) से थी। अंकित को मृतक रमेश कुछ बातों को लेकर गाली देता था। जिससे नाराज होकर अंकित ने रमेश की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी और शव को वहां से कुछ दूरी पर ले जाकर फेंक दिया।

पुलिस टीम –
1- प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मंगलौर अमरचंद शर्मा
2- वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेंद्र राठी
3- उपनिरीक्षक देवेंद्र तोमर
4- हेड कांस्टेबल सेंसर पाल
5- कांस्टेबल पंकज
6 -कांस्टेबल राजेश देवरानी
7-कांस्टेबल विनोद बर्थवाल