हरिद्वार, 27 जुलाई – जनपदवासियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित 56 शिकायते/ समस्याएं दर्ज कराई गई जिसमें से 32 समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया शेष समस्याओं को निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने भूमि विवाद, अतिक्रमण, विद्यालय प्रबंधन, साइबर अपराध, संपत्ति पर कब्जा, वित्तीय धोखाधड़ी और गंगा घाट संरक्षण से जुड़े मामलों में शिकायतें दर्ज कराते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई में जनता द्वारा जो भी समस्याएं दर्ज कराई जा रही है उन समस्याओं को त्वरित एवं समयबद्धता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित करे। इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही एवं शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए, शिथिलता बरती जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक करवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए है कि जिन शिकायतों पर स्थलीय निरीक्षण किया जाना है संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ स्थलीय निरीक्षण कर समस्या का समाधान करना सुनाश्चित करे। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जो भी शिकायते जनसुनवाई में दर्ज हो रही है उनको सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ निस्तारण करना सुनाश्चित करें।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण करे संबंधित अधिकारी
बैठक में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज समस्याओं की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सीएम हेल्प लाइन में जो भी शिकायते दर्ज की जा रही है, उनको सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ समाधान करना सुनिश्चित करे, उन्होंने निर्देश दिए है कि 36 दिन से अधिक जो भी शिकायते लंबित है उनका निराकरण तत्परता से करना सुनिश्चित करे। जिसमें एल 1 पर 502 शिकायतें तथा एल 2 पर 180 शिकायतें निस्तारण हेतु लंबित है, जिन्हें शीघ्र निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बैठक मे अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, परियोजना निर्देशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी के के पंत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सतीश जोशी, महाप्रबंक उद्योग उत्तम कुमार तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी सहित जिला स्तरीय सम्बन्धित अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।

