हरिद्वार, 2 अक्टूबर – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार में ‘स्वच्छता ही सेवा, स्वच्छता ही संस्कार’ एवं ‘नशामुक्त भारत’ अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने स्वच्छ, स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य शिरोमणि बालकृष्ण द्वारा विश्वविद्यालय परिवार को स्वच्छ पर्यावरण एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाकर किया गया। इस अवसर पर पतंजलि विश्वविद्यालय की प्रति-कुलपति साध्वी देवप्रिया की गरिमामयी उपस्थिति एवं मार्गदर्शन रहा।
इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम को आयोजित करने का लक्ष्य जन-मानस में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का कार्य नहीं है, अपितु इसे अपने दैनिक कार्यों में समाहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य के लिए प्रशासन पर निर्भर रहना उचित नहीं है, हमें अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा।
प्रति-कुलपति साध्वी देवप्रिया ने कहा कि स्वच्छ व स्वस्थ देश से ही समृद्धशाली देश की परिकल्पना साकार हो सकती है। देश गन्दगी मुक्त होगा तो मनुष्य विविध तरह के रोगों से बचेगा और देश स्वस्थ होगा।
अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर से आसपास के स्थानीय क्षेत्रों तक स्वच्छता एवं नशामुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में एनसीसी एवं एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारियों तथा छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों ने बैनर, पोस्टर एवं नारों के माध्यम से आमजन को स्वच्छता अपनाने, सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने तथा नशे से दूर रहने का संदेश दिया। रैली में ‘स्वच्छता ही सेवा’, ‘स्वच्छता ही संस्कार’ एवं ‘नशामुक्त भारत—स्वस्थ भारत’ जैसे संदेशों के माध्यम से जनजागरूकता का प्रसार किया गया।
रैली के कुलपति आचार्य बालकृष्ण के साथ पतंजलि विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों, पश्चात विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों, एनसीसी एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों, छात्र-छात्राओं तथा स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया तथा स्थानीय क्षेत्र में स्वच्छता कार्य में श्रमदान किया। इस दौरान कचरा एवं अपशिष्ट एकत्र कर साफ-सफाई की गई तथा स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। अभियान में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान, दर्शन, संस्कृत, पत्रकारिता एवं जनसंचार तथा आयुर्वेद सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
स्वच्छता अभियान के साथ नशामुक्त भारत का संदेश भी प्रमुखता से दिया गया। विद्यार्थियों ने नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। अभियान का मूल संदेश रहा कि स्वच्छ वातावरण के साथ स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन ही सशक्त समाज की आधारशिला है।
इस अवसर पर महात्मा गांधी के स्वच्छता, सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रसेवा के आदर्शों को स्मरण किया गया। पतंजलि विश्वविद्यालय के इस सामूहिक अभियान के माध्यम से स्वच्छता को जीवन का संस्कार, सेवा को सामाजिक दायित्व तथा नशामुक्ति को स्वस्थ समाज की आवश्यकता बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन स्वच्छ, स्वस्थ, संस्कारित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में निरंतर योगदान देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
अभियान में प्रो. मयंक अग्रवाल, डीन-मानविकी; डॉ. सत्येंद्र मित्तल, निदेशक-दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम; डॉ. ऋत्विक बिसारिया, डीन-अकादमिक एवं शोध; डॉ. ए.के. सिंह, परीक्षा नियंत्रक; डॉ. श्रीकृष्ण चंडक, डीन-योग विज्ञान तथा डॉ. निर्विकार, उप-कुलसचिव सहित विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएँ एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
