हरिद्वार, 1 नवंबर – जंगल से निकलकर खेतों और आबादी तक पहुंचकर उत्पात मचाने वाले वाले हाथियों की निगरानी तकनीक के जरिए की जाएगी। वन विभाग ने ऐसे 18 हाथियों को चिह्नित किया है, जो बार बार आबादी का रुख करते हैं। इनमें से छह हाथियों को रेडियो कॉलर पहनाए जाएंगे। ये छह हाथी, वो हैं जो झुंड के मुखिया हैं और बाकी हाथी उनके पीछे चलते हैं। रेडियो कॉलर लगने के बाद उनकी लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जा सकेगी। कुंभ मेले से पहले सभी छह हाथियों को रेडियो कॉलर लगाने की तैयारी है।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध का दावा है कि इससे हाथियों के आबादी की तरफ बढ़ने की जानकारी पहले मिल सकेगी और समय रहते लोगों को सतर्क करने के साथ जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे। इसके लिए वन विभाग द्वारा गठित विशेषज्ञों की टीम लगातार काम कर रही है, कुंभ से पहले रेडियो कोलरिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
