हरिद्वार – गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए काम करने वाली संस्था मातृ सदन ने एक बार फिर से अनशन की घोषणा कर दी है। 23 फरवरी से मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद के शिष्य ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद अनशन पर बैठेंगे। प्रेस वार्ता कर मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने ये घोषणा की। गँगा स्वच्छता से जुड़े इस बार उनकी सरकार से प्रमुख चार माँगे है जिनमे गँगा और उसकी सहायक नदियों और प्रस्तावित सभी परियोजनाओं पर रोक, रायवाला से रायघटी तक खनन पर पूर्ण प्रतिबंध, स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के गंगा एक्ट के गठन और गंगा परिषद बनाये जाने की मांग प्रमुख है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भी लिख दिया है। गौरतलब है ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने पूर्व में भी 194 दिन का अनशन किया था और सरकार द्वारा माँगे पूरी करने के आश्वासन के बाद ही उन्होंने अनशन तोड़ा था। वही प्रेस वार्ता के दौरान स्वामी शिवानंद ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा गंगा और उत्तराखंड की नदियों पर जो बांध बनाकर पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ा जा उसी का नतीजा है कि उत्तराखंड में आए दिन आपदाएं आ रही है।

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