हरिद्वार – हरिद्वार महाकुंभ मेले का आज दूसरा शाही स्नान है। अखाड़ो के साथ ही सभी मठ मंदिरों के साधु संतों ने स्नान की पूरी तैयारी कर ली है। प्रशासन ने सभी अखाड़ों को 20 मिनट का समय स्नान करने के लिए दिया है। अपने अपने क्रम पर अखाड़े से जुड़े सभी नागा सन्यासी और साधु संत स्नान करने के लिए हर की पौड़ी पर पूरे शाही ठाट बाट के साथ शाही अंदाज में हर की पौड़ी पहुंचेंगे। सुबह ही साधु संतों के लिए हर की पौड़ी को खाली करा लिया जाएगा।

आज दूसरे शाही स्नान पर सबसे पहले निरंजनी अखाड़े के साधु संत हर की पौड़ी पर गंगा स्नान करेंगे। उसके बाद दूसरे नंबर पर जूना अखाड़ा, तीसरे नंबर पर महानिर्वाणी अखाड़ा, चौथे नंबर पर बैरागी तीनो अखाड़े निर्वाणी, निर्मोही और दिगम्बर एक साथ, फिर पांचवे पर बड़ा अखाड़ा उसके बाद छठे पर नया अखाड़ा और सबसे आखिर में सातवें पर निर्मल अखाड़े के साधु संत स्नान करने हर की पौड़ी पहुंचेंगे।

वही सोमवती अमावस्या के दिन कुम्भ मेले के शाही स्नान का विशेष योग बन रहा है। सोमवती युक्ता अमावस्या इस योग को कहा जाता है। आज के दिन गँगा स्नान करने से व्यक्ति के पितरों को भी मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार आज के दिन किया गया गँगा स्नान, दान पुण्य अक्षय हो जाता है। आज के दिन स्नान करने से पृथ्वी की 100 परिक्रमा करने, 100 अश्वमेध यज्ञ करने जितना फल प्राप्त होता है। रात्रि 2 बजे से ये योग बन गए है। गँगा स्नान करने से 100 पितृ कुल और 100 मातृ कुल को भी वही फल प्राप्त होता है जो आपको प्राप्त होगा।

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