हरिद्वार – धर्मनगरी हरिद्वार में शाही स्नान चल रहा है। बैरागी अखाड़े निर्मोही, निर्वाणी और दिगम्बर तीनो अखाड़ों के साधु संत स्नान कर ही रहे थे कि आसमान में अद्भुत नजारा दिखाई देने लगा। देखते ही देखते आसमान में सूर्य के चारो ओर गोल घेरा बन गया। तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित के अनुसार यह एक ऐतिहासिक घटना है जो आज से पहले उन्होंने कभी नही देखी। अमूमन उन्होंने देखा कि इंद्रधनुष अर्ध होता है लेकिन शाही स्नान के अवसर पर पूर्ण इंद्रधनुष दिखाई देना एक अद्भुत संयोग है। यही कुम्भ है। कुम्भ में सूरज की किरणो से अमृत की वर्षा होने ही ये संयोग दर्शाता है।

