रिद्वार – हरिद्वार महाकुंभ मेले के तीन शाही स्नान सकुशल संपन्न हो गए है। कुम्भ मेला प्रशासन के साथ ही जिले के अन्य कई विभागों ने कुम्भ के सफल आयोजन के लिए मिलकर काम किया। हरिद्वार वन विभाग ने भी कुम्भ को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वन विभाग ने मेला शुरू होने से एक माह पूर्व व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू की। हरिद्वार के डीएफओ नीरज कुमार ने प्रेस वार्ता कर बताया कि कुम्भ मेले की शुरुआत होते ही कुम्भ क्षेत्र में जंगली हाथी घुस आने की घटना ने चुनौती खड़ी कर दी थी। दोनो घटनाओं के बाद संसाधनों के साथ ही वनकर्मियों की संख्या बढ़ाकर रात को जंगल गस्त में तेजी लाई गई। कुम्भ मेला क्षेत्र में स्थित साधु संतों की छावनी के आसपास सोलर फेंसिंग, सुरक्षा दीवार, सुरक्षा खाई, 8 चौकियां, 5 वाच टॉवर और 40 टीमें लगाई गई। दिन और रात को इन टीमों ने जंगल मे घुसकर सघन गस्त की। इसी का नतीजा है कि उन दो घटनाओं के बाद एक भी घटना कुम्भ मेले के दौरान जंगली जानवरों और मानव संघर्ष की नही घाटी। कुम्भ मेला सकुशल संपन्न हुआ। वही उन्होंने ये भी बताया कि कुम्भ मेले की ड्यूटी के लिए दिन रात मेहनत करने वाले वनकर्मियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
वही उन्होंने ये भी बताया कि उनके निर्देशन में हरिद्वार वन विभाग पूरी मेहनत से काम कर रहा है। अभी तक उनके सामने एक भी मामला सामने नही आया जिसमे जंगली जानवरों ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचाया हो। विभाग द्वारा रीपेलर्स, सोलर फेंसिंग, सुरक्षा दीवार, सुरक्षा खाई आदि ये सभी व्यवस्था दीर्घकालिक है जो आगे भी मानव और वन्यजीव संघर्ष को रोकने में लाभदायक साबित होंगी।

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