हरिद्वार – राजबीर सिंह, महामंत्री, अ.भा.भे.क.फे.इंटक ने महाप्रबंधक मानव संसाधन भेल रानीपुर के माध्यम से निदेशक मानव संसाधन भेल दिल्ली को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने भेल कर्मचारियों पर पड़ रहे कोरोना के दुष्प्रभाव का जिक्र करते निम्लिखित मांगे रखी है। उन्होंने जो पत्र लिखा है, पढ़िये – जैसा कि आपके संज्ञान में है कि वर्तमान में कोरोना महामारी का बहुत ही तेजी से प्रसार हो रहा है, भेल संस्थान ओर भेल कर्मचारियों पर भी इसका दुष्प्रभाव बड़ी तेजी से पड़ रहा है।एक ओर जहां हमारे सैकड़ो कर्मचारी इसके संक्रमण से पीड़ित है साथ ही कई कर्मचारियो की असमय ही इस महामारी के कारण मृत्यु हो चुकी है। ओर ये आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस विषय मे संगठन ने आपसे पहले भी ज्ञापन के माध्य्म से कुछ सार्थक मांग की थी संगठन पुनः आपके संज्ञान में कुछ तथ्यों को उनके समाधान हेतु ला रहा है।
भेल संस्थान में कोरोना महामारी के बेतहाशा बढ़ते प्रकोप को देखते हुए संगठन की मांग है कि संस्थान में तत्काल आवयश्क सेवाओ को छोड़ कर बाकी कर्मचारियों हेतु अन्य विभागों की तरह सम्पूर्ण संस्थान में वर्क फ्रॉम होम की नीति को लागू किया जाए। वर्तमान में केन्द्र व राज्य सरकारों के साथ साथ कई संस्थानों में इस नीति को लागू किया जा रहा है भेल बेंगलोर, दिल्ली, त्रिची व तमिलनाडू में कार्यरत भेल की अन्य कार्य इकाइयों में भी सम्पूर्ण संस्थान में वर्क फ्रॉम होम को लागू कर कोरोना के चेन को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ऐसी ही नीति अन्य इकाइयों में भी लागू की जाए। उत्तराखंड में कोरोना बढ़ते बेतहाशा आकड़ो ओर भेल हरिद्वार में कर्मचारियों व उनके परिवार जनों की लगातार कोरोना के कारण हो रही मृत्यु ने यहा के वातावरण को भयावह बना दिया है। अतः भेल संस्थान में इस महामारी के प्रसार को रोकने हेतु व अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य ओर उनके जीवन की रक्षा हेतु इस नीति को अविलंब लागू किया जाए।
वर्तमान में इस महामारी काल मे भी हमारे भेल कर्मचारी पूरी लगन ओर निष्ठा से संस्थान में अपने उत्तरदायित्वों को निभा रहे है ऐसे में कार्य करते हुए जो साथी कोरोना के लक्षणों से ग्रसित हो रहे है ओर उसकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आ रही है साथ ही जो साइट पर जाकर इस महामारी से संक्रमित हो रहे है उन कर्मचारियों को संस्थान द्वारा पूर्व की भांति क्वारन्टीन लीव नही दी जा रही है जो एक ओर उन साथियो के साथ अन्याय है साथ ही भेल इकाइयों में कोरोना की दर में वृद्धि का एक बड़ा कारण बन रहा है। अतः संगठन की पुरजोर मांग है कि जैसे परिवार के किसी सदस्य को इस महामारी के संक्रमण हो जाने पर भेल कर्मचारियों को क्वारन्टीन लीव दी जा रही है उसी प्रकार उसमें स्वम में कोई संक्रमण होने पर पीड़ित कर्मचारियों को भी संस्थान द्वारा क्वारन्टीन लीव दी जाये।
महोदय आज हमारे कर्मचारी साथी बिना अपने बहुमूल्य जीवन की परवाह किये संस्थान में अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे है। इसी दौरान कई साथी असमय मृत्य को प्राप्त हो चुके है जिससे उनका परिवार भारी विपदा में आ गया है। आज पूरे देश मे इस महामारी काल मे अपनी सेवा देने वाले कर्मचारियों के परिवारों के भविष्य की सुरक्षा हेतु विभिन्न योजनाओं को लागू किया जा रहा है। संगठन की मांग है कि भेल प्रबंधिका तत्काल समस्त भेल कर्मचारियों के लिए एक करोड़ रु की कोविड़ बीमा योजना को लागू करे साथ ही कोरोना से मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार के एक आश्रित को तत्काल संस्थान में स्थायी रोजगार दे ताकि भेल कर्मचारियों के परिवारों के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके। वर्तमान में कोल इंडिया, एनटीपीसी आदि कई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमो ने इस तरह की नीतियां लागू की है। आपसे मांग है कि भेल जैसे बड़े एवं गौरवशाली महारत्न संस्थान में भी शीघ्र अति शीघ्र इस कार्य योजना को लागू किया जाये।
महोदय, आज इस परिवेश में भेल कर्मचारी अपने व अपने परिवार के स्वास्थ्य ओर जीवन रक्षा को लेकर बेहद चिंतित होते हुए भी संस्थान में व बाहर साइडों पर अपने कार्यो को पूरी तत्परता से पूर्ण कर रहा है अतः भेल प्रबंधिका का भी यह नैतिक दायित्व हो जाता है कि वो अपने कर्मचारियों के हितों ओर सबसे बढ़ कर उनके जीवन की सुरक्षा हेतु तत्काल समुचित उपायों को लागू करे। संगठन की उपरोक्त मांगे इसी संदर्भ में है अतः आपसे पुरजोर मांग है कि संस्थान व कर्मचारी हित में इन्हें तत्काल लागू किया जाए ताकि किसी भी आपात स्तिथि से बचा जा सके।

