हरिद्वार – कोरोनावायरस को जीवित प्राणी बताने के बाद उत्तराखंड के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत हर किसी के निशाने पर हैं। गंगा नदी की निर्मलता और अविरलता के लिए काम करने वाली संस्था मातृ सदन के पर परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने भी पूर्व सीएम पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया के माध्यम से जारी बयान में स्वामी शिवानंद ने कहा कि पूर्व सीएम ने कोरोनावायरस को जीवित प्राणी बताया है यह अच्छी बात है, वो दार्शनिक हो गए है। दुष्ट आत्मा भी प्राणी है साधु भी प्राणी है सब प्राणी है। लेकिन जब गँगा और यमुना दोनो पवित्र नदियों को उत्तराखंड हाई कोर्ट ने जीवित प्राणी का दर्जा दे दिया था तो फिर क्यों सीएम त्रिवेंद्र ने अपने कार्यकाल में उत्तराखंड हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट जाकर स्टे करा लिया। आज तक सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश बरकरार है इसलिए वह विनती करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट से केस को वापस ले और गँगा नदी को जीवित प्राणी का दर्जा बरकरार रखें।

