हरिद्वार – श्रीपंच दशनाम अग्नि अखाड़े ने पूर्ण सनातन परम्परा से श्रीपरशुराम जयंती के पावन अवसर पर आराध्य भगवान परशुराम की जयन्ती मनाई। इस अवसर पर जूना अखाड़ा परिसर में स्थापित अग्नि अखाड़े की धर्मध्वजा के नीचे माता गायत्री चरण पादुका पर विशेष पूजा अर्चना का आयोजन किया गया। जिसमें श्रीपरशुराम अखाड़े के कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। कोविड गाईड लाईन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अखाड़े के ब्रहमचारी साधको ने देवी देवताओं तथा अखाड़े की इष्ट देवी माता गायत्री का आवाहन कर विश्व को वैश्विक महामारी कोरोना से मुक्ति दिलाए जाने की प्रार्थना की।

अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव व मेला प्रभारी ब्रहमचारी साधनानंद ने कहा भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की पितृभक्ति अतुलनीय है। उनका प्रिय फरसा सदैव दीन-दुखियों की मर्यादा बनाए रखने के लिए तथा सनातन धर्म की मर्यादा बनाए रखने के लिए तत्पर रहा। वह हमेशा विश्व कल्याण की भावना से अपने कर्तव्य का पालन करते रहे। ब्रहमचारी श्रीमहंत साधनानंद ने बताया अग्नि अखाड़ा 18 मई को गंगा सप्तमी के दिन माॅ गंगा, भगवान बद्री विशाल की पूजा अर्चना के पश्चात पूर्ण वैदिक विधि विधान से अपनी धर्म-घ्वजा उतार लेगा। उन्होने कहा गंगा सप्तमी को ही कुम्भ मेला 2021 का समापन कर दिया जायेगा। अखाड़े के पंच परमेश्वर यहां से भ्रमण करते हुए प्रयागराज कुम्भ 2024 में पहुचेंगे। इस अवसर पर परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पं0 अधीर कौशिक, ब्र0 प्रयागगिरि, ब्र0 कमलानंद, ब्रहमचारी शुक्लानंद, आचार्य चर्तुभुजानंद, शीतला प्रसाद उपाध्याय, चमन गिरि, नागा बाबा पुकारवाले, आचार्य शीतल प्रसाद आदि उपस्थित थे।

