रुद्रप्रयाग – भगवान केदारनाथ के कपाट पूरे विधि-विधान के सोमवार को सुबह पांच बजे आगामी छह महीने के लिए खोल दिए गए हैं। अब आने वाले छह महीने तक भगवान यहीं विराजमान रहेंगे, इनकी पूजा यहीं पर संपन्न होगी। कोरोना संक्रमण के चलते कपाट खुलने के मौके पर केदारनाथ धाम के रावल, मुख्य पुजारी, प्रशासन समेत देवस्थानम बोर्ड के कुछ सदस्य ही मौजूद रहे। सरकार ने कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए श्रद्धालुओं के आनेे पर रोक लगा रखी है।
मुख्य पुजारी ही केवल नित पूजाएं संपन्न कराएंगे। वही प्रथम पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम मंदिर में की गई। सोमवार सुबह 5 बजे पौराणिक परंपराओं के साथ पूरे विधि-विधान से भगवान केदारनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए हैं। शीतकाल के छह महीनों तक पंचगद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विश्राम करने के बाद गत 14 मई केदार बाबा की उत्सव डोली धाम के लिए रवाना हुई थी।
मंदिर के कपाट भले ही खोल दिए गए हैं।
भविष्य में सरकार परिस्थितियों को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिये दर्शन पर निर्णय लेगी।

