हरिद्वार – हरिद्वार के साथ उत्तराखंड में भी ब्लैक फंगस नाम की लाइलाज बीमारी ने दस्तक दे दी है। कोरोना पीड़ितों को होने वाली इस बीमारी ने पूरे देश के डॉक्टरों को हैरत में डाल दिया है। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने ब्लैक फंगस बीमारी से बचने के आयुर्वेदिक उपाय बताए है। हालांकि उन्होंने इस बीमारी पर पतंजलि की टीम द्वारा रिसर्च करने की बात भी कही है।
आचार्य बालकृष्ण ने बताया की कोरोना बीमारी के साथ-साथ जो ब्लैक फंगस बीमारी लोगों में देखने को मिल रही है इससे बहुत ही बड़ी क्रिटिकल स्थिति बनी हुई है। उन्होंने लोगों से निवेदन किया कि प्रतिदिन नाक में अणु तेल, सट बिंदु तेल, सरसों का तेल या फिर गाय का घी डालिए। इससे जो ब्लैक फंगस है उसका इंफेक्शन फैलने से रुक सकता है। पतंजलि ब्लैक फंगस पर रिसर्च शुरू कर चुका है। किस तरह इस बीमारी से बचा जा सकता है अभी इसमें और ज्यादा रिसर्च करने की जरूरत है। पतंजलि योगपीठ लगातार रिचार्ज कर रहा है जल्द ही पूरे अनुसंधान और प्रमाणिकता के साथ हम बताएंगे।
आचार्य बालकृष्ण ने यह भी बताया कि ब्लैक फंगस शरीर में फैलने के बाद इसे रोकना बहुत कठिन है इसलिए उनके द्वारा जो बताए गए उपाय हैं मुझे हर रोज अपनाएं। आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि जो लोग वेंटीलेटर या ऑक्सीजन पर है उन्हें यह तेल जरूर डालनी चाहिए। अनियमित मात्रा में एस्ट्रोराइड और दवाइयां लेने से शरीर में रोग प्रतिरोधक मात्रा की क्षमता कम हो जाती है और अस्पतालों में लगे ऑक्सीजन पाइप के माध्यम से भी इस रोग के फैलने का खतरा ज्यादा रहता है इसलिए कोरोना से लड़ रहे मरीजों के लिए ब्लैक फंगस बीमारी से सावधान रहना बहुत आवश्यक है।

