हरिद्वार, 18 अक्टूबर – नवरात्र का अवसर मां दुर्गा की आराधना और शक्ति के नौ स्वरूपों की उपासना का पर्व है। धर्मनगरी हरिद्वार में भी इन दिनों मां के मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनती है। मां माया देवी, मां चंडी देवी, मां मनसा देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंच रही है, तो वहीं कनखल के प्राचीन मां शीतला माता मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। इस मंदिर को माता सती के जन्म और राजा दक्ष की पौराणिक कथा से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि मां शीतला राजा दक्ष की कुलदेवी थीं और इसी स्थान पर माता सती ने जन्म लिया था।
हरिद्वार की उपनगरी कनखल जिसे भगवान भोलेनाथ का ससुराल और राजा दक्ष की नगरी के रूप में जाना जाता है। इसी पावन क्षेत्र में स्थित है मां शीतला देवी का मंदिर। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शीतला को आरोग्य और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है। मंदिर में श्रद्धालु अपने परिवार की खुशहाली और विशेष रूप से संतान के अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना लेकर पहुंचते हैं। मान्यता के अनुसार, राजा दक्ष प्रजापति ने संतान प्राप्ति की कामना से अपनी कुलदेवी मां शीतला की कठोर तपस्या की थी। मां शीतला उनकी तपस्या से प्रसन्न हुईं और उन्हें मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद दिया। कहा जाता है कि इसी आशीर्वाद के फलस्वरूप राजा दक्ष के घर माता सती ने पुत्री के रूप में जन्म लिया। यही वजह है कि कनखल स्थित इस मंदिर को माता सती के जन्मस्थान से जोड़कर देखा जाता है और यहां मां शीतला की विशेष श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है।
कनखल का क्षेत्र आज भी राजा दक्ष, माता सती और भगवान शिव से जुड़ी अनेक धार्मिक मान्यताओं का केंद्र है। मां शीतला मंदिर इसी आस्था और परंपरा की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। नवरात्र के दौरान मां भगवती के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हो जाती है। भक्त मां के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति, संतान की खुशहाली और जीवन में सकारात्मकता की कामना करते हैं।
आस्था, विश्वास और पौराणिक परंपराओं को अपने भीतर समेटे कनखल का मां शीतला देवी मंदिर आज भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। नवरात्र के पावन दिनों में मां के दरबार में पहुंचने वाले भक्त अपनी मनोकामनाओं के साथ सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगते हैं। नवरात्र के इस पावन अवसर पर मां शीतला के चरणों में यही प्रार्थना है कि सभी के जीवन में आरोग्य, सुख और शांति बनी रहे।
