हरिद्वार – पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, हरिद्वार के आयुर्वेद भवन (फेज–I) में आज एंटी-रैगिंग जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक चेतना, अनुशासन तथा उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था। इसी क्रम में 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह (16 जनवरी से 14 फरवरी 2026) के अंतर्गत यातायात जागरूकता एवं विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार, यातायात पुलिस, हरिद्वार एवं भारतीय जागरूकता समिति के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरन जीत कौर ने निःशुल्क विधिक सहायता, नागरिक अधिकारों तथा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्रदान की तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों एवं नागरिकों को प्रेरित किया। टी.एस.आई. मोहित सिंह राठौड़ एवं परिवहन कर अधिकारी रविन्द्र पाल सैनी ने यातायात नियमों के व्यवहारिक पक्षों, दण्ड प्रावधानों तथा सुरक्षित वाहन-चालन के आवश्यक उपायों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अनिवार्यता, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग का महत्व, नशे की अवस्था में वाहन न चलाने के दुष्परिणाम एवं दण्डनीयता, ओवरस्पीडिंग/लापरवाह ड्राइविंग से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के उल्लंघन पर लागू विधिक प्रावधान आदि सड़क सुरक्षा एवं विधिक जागरूकता से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में हाईकोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने एंटी-रैगिंग के संदर्भ में विद्यार्थियों को अवगत कराया कि किसी भी प्रकार का उत्पीड़न, मानसिक/शारीरिक दबाव अथवा अनुचित व्यवहार विधि-विरुद्ध एवं दण्डनीय है। उन्होंने रैगिंग-मुक्त, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने हेतु विद्यार्थियों को सजग एवं जिम्मेदार रहने का संदेश दिया। साथ ही, यातायात पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु सामूहिक सहभागिता और नागरिक उत्तरदायित्व पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा रैगिंग-मुक्त परिसर बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
संस्थान की ओर से कार्यक्रम में डॉ. अनिल कुमार (प्राचार्य) एवं डॉ. गिरीश के. जे. (उप-प्राचार्य) के साथ-साथ डॉ. एस. सी. जोशी (चेयरमैन, एंटी-रैगिंग सेल), डॉ. नरेन्द्र कुमार तथा डॉ. मनोज कुमार भाटी (संयोजक) सहित शिक्षकगण, चिकित्सकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

