देहरादून – विधानसभा में अवैध नियुक्तियों के मामले में कड़ा फैसला लेने वाली विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने दूसरे अध्यक्षों के नियुक्त किए कर्मचारियों को तो पद से हटा दिया ,लेकिन खुद भी उत्तराखंड के बाहर के व्यक्तियों को विधानसभा में नियुक्ति दी है।
इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने जवाब देते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि देश के किसी भी विधानसभा अध्यक्ष, मंत्री और मुख्यमंत्री के पास यह अधिकार होता है कि वह अपना निजी स्टाफ नियुक्त कर सकते हैं, जो स्टाफ उनके द्वारा नियुक्त किया गया है वह अस्थाई है और वेतन के अलावा किसी तरह की कोई सुविधा उन्हें नहीं मिलती है।

