हरिद्वार – पतंजलि अनुसंधान संस्थान, हरिद्वार द्वारा Plant Taxonomy and Ethnobotany (03-01-2023 से 31-01-2023) में व्यवहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन 03 जनवरी 2023 को डॉ. वेद प्रिया आर्य, डॉ. रमा शंकर, डॉ. अनुपम श्रीवास्तव और पतंजलि अनुसंधान संस्थान के अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिकों द्वारा किया गया। पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. उदय भान प्रजापति द्वारा भारत के विभिन्न राज्यों से पधारे सभी प्रतिभागियों का अभिवादन किया।

कार्यक्रम में डॉ. भास्कर जोशी ने “Higher Plant Identification” विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. उदय भान प्रजापति ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में आवश्यक कार्य विवरण सूची और वनस्पति संग्रहालय के बारे में बताया। सुश्री सीमा ने ‘पौधे के स्वभाव और आवास’ क्षेत्र को निर्देशित किया। डॉ. अनुराग डबास ने प्रतिभागियों को गतिविधि के लिए निर्देश दिया। डॉ. अजय कुमार गौतम ने “Lower Plant Identification” विषय पर व्याख्यान दिया। विक्रम और प्रशांत ने ‘एकबीजपत्री और द्विबीजपत्री पादप’ के बारे में मार्गदर्शन दिया। डॉ. अश्विनी कुमार द्वारा प्रतिभागियों को पूरे दिन की गतिविधि के लिए निर्देश दिए।

कार्यक्रम में डॉ. अनुपम श्रीवास्तव द्वारा ‘हर्बेरियम तकनीक’ विषय पर, प्रियंका त्यागी और सीमा ने ‘जड़ों के प्रकार’ के बारे में, डॉ. भास्कर जोशी ने “How to write Flora” विषय पर व्याख्यान दिया। क्षेत्र कार्य के दौरान आशीष कुमार और प्रशांत वत्स द्वारा सभी प्रतिभागियों को “Habit and Habitat of Plant” के लिए निर्देशित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. आई.पी. शर्मा द्वारा ‘पादप शरीर रचना’ विषय पर, अमिता सिंह ने “How to Identify Plant Leaf in the field” विषय पर, डॉ. अरुण कुशवाहा ने “Higher Plant Description” विषय पर, आशीष कुमार और अमिता सिंह ने सभी प्रतिभागियों को ‘पौधों के पुष्पक्रम की पहचान कैसे करें’ पर मार्गदर्शन किया। डॉ. निधि शर्मा ने “Lower Plant Description” व ‘कवक के अध्ययन’ विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. इनाम मोहम्मद और श्रीमती अमिता सिंह ने सभी प्रतिभागियों को ‘पुष्पों के प्रकार’ पर मार्गदर्शन किया।

एक अन्य सत्र के दौरान डॉ. अनुपम के साथ आशीष कुमार ने क्षेत्र में ‘फलों के प्रकार’ के बारे में सभी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। डॉ. अमित कुमार ने ‘टाइपिफिकेशन’ व ‘विश्व के वनस्पति संग्रहालय का अध्ययन’ विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. अरुण कुशवाहा के साथ डॉ. आई.पी. शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को ‘पर्ण एवं तना (डंठल) शरीर विज्ञान’ के बारे में निर्देशित किया। डॉ. रमा शंकर ने ‘पादप नामकरण एवं वैदिक वर्गीकरण’, ‘पादप संरक्षण’, “Ethnobotany” व ‘टेरिडोफाइट्स’ विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. इनाम मोहम्मद और डॉ. आई.पी. शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का ‘शैवाल’ के बारे में मार्गदर्शन किया।

डॉ. अजय कुमार गौतम ने ‘कवक के अध्ययन’ व ‘ई-फ्रलोराः द फ्यूचर ऑफ फ्लोरिस्टिक डॉक्यूमेंटेशन’ विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. आई.पी. शर्मा और डॉ. शशि कुमार ने सभी प्रतिभागियों को ‘ब्रायोफाइट्स के अध्ययन’ के बारे में मार्गदर्शन किया। पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. उदय भान प्रजापति ने ‘पारिस्थितिक अध्ययन’ विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. वेद प्रिया आर्य ने ‘हर्बल अनुसंधान में हालिया नवाचार’ विषय पर व्याख्यान दिया। इस व्याख्यान में उन्होंने नई औषधि कैसे विकसित की जाए विषय पर अपने विचार रखे।
डॉ. रश्मि अतुल जोशी ने ‘शोध निबंध लेखन’ विषय पर व्याख्यान दिया। तत्पश्चात डॉ. राजेश मिश्रा ने औषधीय पौधों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। डॉ. इनाम मोहम्मद ने ‘अर्ध तकनीकी भाषा में आवर्त बीजी पादपों का विवरण’ क्षेत्र में संक्षिप्त जानकारी दी। डॉ. आई.पी. शर्मा ने ‘पांडुलिपि लेखन’ विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. अरुण कुशवाहा ने ‘लाइन डायग्राम एंड कैनवस पेंटिंग’ विषय पर व्याख्यान दिया।

डॉ. ऋषभ देव ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को पतंजलि अनुसंधान संस्थान की आधुनिक प्रयोगशाला तथा डॉ. इनाम मोहम्मद ने औषधीय उद्यान का दौरा कराया। डॉ. अनुपम श्रीवास्तव ने पाठ्यक्रम का परिचय देकर इसका उद्देश्य प्रस्तुत किया। सभी प्रतिभागी ने पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. उदय भान प्रजापति के साथ पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क, पदार्था का दौरा किया।
सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों को परम पूज्य आचार्य श्री द्वारा प्रमाण पत्र एवं पुस्तिका का वितरण किया गया। पतंजलि अनुसंधान संस्थान के सभागार में सभी वैज्ञानिकों की उपस्थिति में समापन सत्र आयोजित किया गया और प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

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