हरिद्वार – हरिद्वार नगर निगम के भाजपा पार्षदों ने मेयर अनीता शर्मा और नगर निगम के अधिकारियों पर घोटालों का आरोप लगाया है। हरिद्वार के एक निजी होटल में प्रेस वार्ता कर भाजपा पार्षदों ने उषा ब्रेको कंपनी, केआरल, कासा ग्रीन कंपनी को दिए गए टेंडरों पर सवाल खड़े किए और इन घोटालों की जाँच कराने की माँग भी की। इतना ही नही अपने द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत साबित होने पर उन्होंने खुद के इस्तीफे देने और सही साबित होने पर मेयर और अधिकारियों से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने का चैलेंज भी दिया है।
इस दौरान पार्षद पति अंकुर मेहता ने आरोप लगाया कि अपनी कंपनियों को लाभ दिलाने के लिए नियमों के विरुद्ध सफाई व्यवस्था के टेंडर कर दिए। बिना मानक पूरे करने वाली कंपनियों को टेंडर दिए गए। केवल पैसों की बंदरबांट करने के लिए मेयर ने ये सब कार्य किये है। पहले से कम पैसों में करने वाली केआरएल कंपनी को हटाकर चार गुना दामो में काम करने वाली कासा ग्रीन कंपनियों को काम दिया गया। इस दौरान उन्होंने कई साक्ष्य भी पेश किए। उन्होंने मांग की है की बिना किसी अनुभव, बिना किसी टर्न ओवर वाली कंपनी को टेंडर जारी करने में घोटाला हुआ है और इसकी जाँच की जाए।
पार्षद एकता गुप्ता ने कहा कि हरिद्वार मेयर के साथ-साथ नगर निगम के अधिकारी भी उषा ब्रेको, केआरएल और लाइट आदि घोटालों में शामिल हैं। वो चाहती हैं कि जनता के हित में कार्य हो। अगर उनके आरोप गलत हैं तो उन्हें गलत साबित किया जाए वरना अधिकारी और मेयर अपना इस्तीफा दे।
पार्षद अन्नू मेहता ने आरोप लगाया कि हरिद्वार नगर निगम की 5 गाड़ियां गायब हो गई। लेकिन कहने सुनने वाला कोई नही है। शिकायत करने पर भी अधिकारी इस पर कोई ध्यान नही दे रहे है।
पार्षद रेनू अरोड़ा ने नगर निगम के अधिकारियों और हरिद्वार की मेयर अनीता शर्मा को खुला चैलेंज दिया है कि घोटालों में शामिल अधिकारी और मेयर या तो उन आरोपों को गलत साबित कर दे तो वो इस्तीफा दे देंगी और यदि नही कर पाए तो नैतिकता के आधार पर मेयर और अधिकारी जनहित में अपना इस्तीफा दे।
इस दौरान पार्षद जौली प्रजापति, सुनील पांडेय, योगेंद्र सैनी, भाजपा मंडल अध्यक्ष मयंक गुप्ता, अंकुर मेहता और चिराग अरोड़ा आदि शामिल रहे।

