नोएडा – ग्राम गढ़ी चौखंडी में भाजपा युवा मोर्चा कार्यालय पर जिला संयोजक रामनिवास यादव के नेतृत्व में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की पुण्यतिथि शहीद दिवस के रूप मे मनायी और तीनों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। रामनिवास यादव के बताया की 1931 में आज ही के दिन शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। कोर्ट ने तीनों को फांसी दिए जाने की तारीख 24 मार्च तय की थी, लेकिन ब्रिटिश सरकार को माहौल बिगड़ने का डर था, इसलिए नियमों को दरकिनार कर एक रात पहले ही तीनों क्रांतिकारियों को चुपचाप लाहौर सेंट्रल जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया। इन तीनों पर अंग्रेज अफसर सांडर्स की हत्या का आरोप था।
28 सितंबर, 1907 को पंजाब के लायलपुर में बंगा गांव में जन्मे भगत सिंह महज 12 साल के थे, जब जलियांवाला बाग कांड हुआ। इस हत्याकांड ने उनके मन में अंग्रेजों के खिलाफ गुस्सा भर दिया था।
काकोरी कांड के बाद क्रांतिकारियों को हुई फांसी से उनका गुस्सा और बढ़ गया था भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ब्रिटिश भारत की सेंट्रल असेंबली में बम फेंके। ये बम जानबूझकर सभागार के बीच में फेंके गए, जहां कोई नहीं था।
बम फेंकने के बाद भागने की जगह वो वहीं खड़े रहे और अपनी गिरफ्तारी दी। करीब दो साल जेल में रहने के बाद 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के साथ फांसी पर चढ़ा दिया गया। वहीं, बकुटेश्वर दत्त को आजीवन कारावास की सजा मिली। इस मौके पर सत्यम सिंह, नरेंद्र जोगी, प्रशांत शर्मा, नवीन मिश्रा, अर्पित मिश्रा, संजय पंडित, विजय सिंह, प्रभाकर शास्त्री, शशांक आदि कार्यकर्ता मौजूद रहेI

