हरिद्वार – पौड़ी बस हादसे में मारे गए लोगों का आज हरिद्वार में अंतिम संस्कार किया गया। बस हादसे में हरिद्वार के लालढांग और उसके आसपास के 16 लोग इस हादसे में मारे गए हैं। मृतकों के परिवार अपनों को खोने के बाद बेसुध हालत में हैं। ये सभी लोग बारात में शामिल होने लालढांग से पौड़ी के कांडा गांव जा रहे थे। गुरुवार को जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने भी पीड़ित परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।

मंगलवार को लालढांग गांव के संदीप की बारात उसके जीवन में तबाही लेकर आई है। संदीप करीब 50 लोगों के साथ बारात लेकर निकला था। लेकिन रास्ते में ऐसी अनहोनी घटी की 33 बारातियों की दुर्घटना में मौत हो गई। संदीप के बड़े भाई, बहन, दो जीजा और एक भतीजे की हादसे में मौत हो गई। वहीं कई दूसरे परिवारों के चिराग भी बुझ गए है। लंबे चले रेस्क्यू और पोस्टमार्टम के बाद आज जब मृतकों के शव अपने अपने घर पहुंचे तो परिवार के लोग बिलख बिलख कर बेसुध हो गए।

गांव के प्रधान दिनेश कर्णवाल ने बताया कि हादसे के 3 दिन बाद भी जहां मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं गांव भर में मातम पसरा है। पिछले 3 दिनों से कई घरों में चूल्हे नहीं जले हैं तो गांव के बाजार भी सूने पड़े हुए हैं और सभी ग्रामीण हादसे के बाद शोक संवेदनाएं देते नहीं थक रहे। सभी लोग उस घड़ी को कोस रहे हैं जब ये हादसा हुआ।

सरकार और प्रशासन भी मृतकों के परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश कर रहा है। सरकार की ओर से जहां मृतक आश्रितों को दो लाख की राहत राशि की घोषणा की गई है। वहीं हरिद्वार के डीएम ने विनय शंकर पांडे भी परिवार के सदस्यों को योग्यता के अनुसार रोजगार देने का आश्वासन दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *