हरिद्वार – उत्तराखंड में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा चार धाम यात्रा को स्थगित करने का फैसला लिया गया है। जैसे ही देशभर में यात्रा स्थगित होने की सूचना फैलने लगी वैसे ही पर्यटन से जुड़े होटल ट्रेवल आदि कारोबार की बुकिंग कैंसिल होने लगी। पिछले डेढ़ साल से आर्थिक मंदी की मार झेल रहे होटल और ट्रेवल कारोबारियों में निराशा देखने को मिल रही है। व्यपारियों में सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की माँग के साथ ही पर्यटन पर निर्भर कारोबारियों को आर्थिक पैकेज देने की मांग भी की है।


होटल कारोबारी विभाष मिश्रा का कहना है कि चारधाम यात्रा को स्थगित करना सरकार का बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है। वो पिछले देढ़ साल से आर्थिक मंदी की मार झेल रहे है, हरिद्वार में ज्यादातर होटल व्यापारी लीज पर होटल चला रहे है लेकिन सरकार ने राहत देने की बजाय आर्थिक संकट में धकेल दिया है। इस फैसले के बाद उनकी होटल की बुकिंग तक कैंसिल होने शुरू हो गई है। उत्तराखंड की 75 प्रतिशत आबादी पर्यटन पर निभर है और सरकार के इस फैसले से बहुत बड़ा आर्थिक संकट खड़ा होने वाला है। इसलिए सरकार से उनकी मांग है कि सरकार उनके टैक्स, लोन की ईएमआई और बिजली बिल आदि में छूट दे।


वही ट्रेवल कारोबारी उमेश पालीवाल ने कहा कि सरकार की अदूरदर्शिता का ही परिणाम है कि उसने जल्दबाजी में ये फैसला ले लिया। सरकार को दस तारीख तक इंतजार करना चाहिए था। यदि सरकार चाहे तो एक महीने के लिए ही लेकिन चारधाम यात्रा को चलाने पर विचार कर सकती है। उनकी सरकार से मांग है कि ‘नो वर्क नो पे’ की तरह ट्रेवल कारोबारियों के टैक्स व सभी कर्ज को माफ कर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करे।


वही होटल कारोबारी अखिलेश चौहान ने कहा कि सरकार पर्यटन उधोग को खत्म करना चाहती है इसलिए उसने जल्दबाजी में ये फैसला लिया। कोरोना का अभी जो भयानक दौर चल रहा है उसे ठीक करने की बजाय सरकार, भविष्य में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को रोकने का आदेश जारी कर रही है। उत्तराखंड सरकार कोरोना संक्रमण रोकने पर ध्यान दे, मरीजों के इलाज के लिये उचित संसाधन उपलब्ध करवाए। जैसे ही ये खबर फैली वैसे ही उनकी 15 से 20 होटल की बुकिंग कैंसिल करने के फ़ोन आ गये है। इसलिए उनकी मांग है कि सरकार कोरोना को रोकने के लिए वर्तमान व्यवस्था को सुधारे, ना कि चार धाम यात्रा को रोककर उत्तराखंड में आर्थिक संकट पैदा करे।

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