देहरादून – 1 मार्च 2020 से 31 मार्च, 2022 तक की अवधि में कोविड-19 महामारी एवं अन्य बीमारियों से पिता/माता/संरक्षक की मृत्यु के कारण जन्म से 21 वर्ष तक के प्रभावित बच्चों की देखभाल, पुर्नवास, चल-अचल सम्पत्ति एवं उत्तराधिकारों एवं विधिक अधिकारों के संरक्षण हेतु ‘‘मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना‘‘ लागू की गयी है. इस योजनान्तर्गत दिनांक 01 अगस्त, 2021 को ‘‘मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना‘‘ का शुभारम्भ राज्य के अति संवेदनशील मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री आवास से किया गया।

प्रथम चरण में योजनान्तर्गत 1061 बच्चों को माह जुलाई, 2021 की धनराशि का हस्तान्तरण किया गया। योजना में आच्छादित बच्चों को रू0 3,000/- की आर्थिक सहायता प्रतिमाह 01 जुलाई 2021 से 21 वर्ष की आयु तक अनुमन्य की गयी है।

आज लगभग 5000 बच्चों को माह अगस्त एवं सितम्बर, 2022 हेतु कुल रू0 3 करोड़ (प्रति माह रू0 3000/-) की धनराशि का हस्तान्तरण PFMS के माध्यम से सीधे बच्चों के खाते में किया गया। योजनान्तर्गत अभी तक लगभग 5000 बच्चों को आच्छादित किया गया है, जिनको प्रतिमाह रू 3000 की धनराशि माह जुलाई, 2021 से सीधे बच्चों के खाते में हस्तान्तरित कर लाभान्वित किया जा रहा है।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा की सरकार संवेदनशीलता के साथ बच्चों के देखरेख व पुर्नवास के लिये कार्य कर रही है। बच्चों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, उनके आगे बढ़ने में कोई बाधा या रूकावट ना आये, इसलियेे अभिभावक के रूप में सरकार द्वारा सदैव तत्परता के साथ कार्य करते हुये बच्चों के संरक्षण, उनके प्रगति राह में आगे बढ़ने की राह में कोई बाधा ना आये, इसलिये विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर समन्वित रूप से बच्चों हेतु महत्वपूर्ण प्रावधान कराये गये है, जिनमे स्वास्थ्य विभाग द्वारा अटल आयुष्मान कार्ड,निशुल्क चिकित्सा उपचार प्रदान करना के साथ तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के नियंत्रणाधीन तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन हेतु अनुमन्य आरक्षण, निशुल्क शिक्षा प्रदान करना है। वही उन्होंने बताया की इसी प्रकार कार्मिक विभाग के जरिए अनाथ बच्चों को राजकीय/शासकीय सेवाओं में 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2021 का प्रावधान किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निकट राजकीय/ अशासकीय महाविद्यालयों में वरीयता के आधार पर प्रवेश,शिक्षण काल में एक टैब व पुस्तकालय से पुस्तके, छात्र निधियों से शुल्क मुक्ति, घर से महाविद्यालय तक सरकारी परिवहन में किराये की पूर्ण छूट, प्रति सत्र में 01 सैट कॉलेज यूनिफार्म,परास्नातक तक रहने व भोजन की निशुल्क व्यवस्था के साथ ही खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के जरिए प्रभावित बच्चों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत खाद्यान्न उपलब्ध कराना,अन्त्योदय अथवा प्राथमिक परिवार श्रेणी का राशन कार्ड बनाने की भी व्यवस्था की गई है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजनान्तर्गत 01 मार्च 2020 से 31 मार्च, 2022 की अवधि में माता/पिता/ संरक्षक की मृत्यु से प्रभावित बच्चों के आवेदन करने की अन्तिम तिथि दिनांक 31 मई, 2022 तक की निर्धारित की गयी, जिसमें सभी जनपदों से कुल 1800 बच्चों के आवेदन प्राप्त हुये है, जिनके सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। जनपदों से सत्यापन आख्या प्राप्त होने पर अर्ह बच्चों को योजना से लाभान्वित किया जायेगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम में हरिचन्द्र सेमवाल, सचिव, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, प्रदीप सिंह रावत, निदेशक, मोहित चौधरी, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी, अंजना गुप्ता, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी एवं मीना बिष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित विभागीय अधिकारी और बच्चे उपस्थित रहें।

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