संपादक की कलम से
हरिद्वार – कोरोना संक्रमण के बीच हरिद्वार में विश्व का सबसे बड़ा आयोजन होने जा रहा है। धर्मनगरी हरिद्वार में महाकुंभ मेले की तैयारियां अंतिम रूप में है। सरकार के सामने कोरोना गाइडलाइंस के साथ कुम्भ का आयोजन सुरक्षित सम्पन्न कराना बड़ी चुनौती है। कुम्भ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को संक्रमण से बचाने के लिए तमाम इंतजाम मेला प्रशासन करने में जुटा है, मेला क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर सेनिटाइजर मशीन लगाने, श्रद्धालुओं को फ्री में मास्क उपलब्ध कराने और लाउडस्पीकर से सोशल डिस्टेंसिग और कोविड के दिशानिर्देशों का पालन करने के लिये लगातार अपील भी की जा रही है। तो वहीं लगभग 5000 स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती भी कुंभ मेले के लिए किए जाने की तैयारी है, जिसमें करीब 500 डॉक्टर भी शामिल है। हालांकि एहतियातन सरकार और मेला प्रशासन ने कुम्भ में तैनात जवानों के साथ ही साधु संतों और मीडिया कर्मियों का वैक्सिनेशन भी शुरू कर दिया है। लेकिन देश में तमाम इंतजामों और दिशा निर्देशों के बावजूद कई राज्यों में कोरोना ने तांडव मचाना शुरू कर दिया। महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, हरियाणा, मध्यप्रदेश और दिल्ली में आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। 4 महीनों बाद आंकड़े फिर से डराने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों की बात करें तो 24 घण्टों में 40 हज़ार के पार रोज कोरोना के मामले आ रहे हैं।
उत्तराखंड में भी कोरोना के मामले बढे हैं, प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 137 कोरोना संक्रमित मिले हैं, तो वहीं हरिद्वार में 41 नए कोरोना के मामले सामने आए हैं।
देश में कोरोना के बढ़ते मामले ने मेला प्रशासन और सरकार के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी है। कोरोना का नया वेव बहुत तेज़ी से अपना पैर पसार रहा है, कुम्भ जैसे बड़े आयोजन में देश और दुनियां से लाखों लोग स्नान के लिए पहुंचते है, ऐसे में सरकार और मेला प्रशासन के लिये बड़ी चुनौती है इतनी बड़ी भीड़ के बीच कोविड नियमों का पालन करवाना। हालांकि कुम्भ को लेकर केंद्र सरकार ने पहले ही एसओपी जारी करके दिशा निर्देश दे दिया था, लेकिन अब तक स्नानों पर नज़र डालें तो प्रशासन और सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए नरम रुख अपनाया हुआ है, वजह है मेले का नोटिफिकेशन न होना। कोरोना के मद्देनज़र सरकार ने कुम्भ मेले की अवधि 30 दिन कर दी थी। कुम्भ मेले का नोटिफिकेशन 1 से 30 अप्रैल तक रहेगा ऐसे में केंद्र की एसओपी लागू होगी। हालांकि प्रदेश के नए मुख्यमंत्री ने साधु संतों को आश्वस्त किया है कि हरिद्वार में कुंभ भव्य और दिव्य होगा, और भव्यता और दिव्यता श्रद्धालुओं से ही आएगी। यहीं वजह है कि मुख्यमंत्री ने बिना रोक टोक श्रद्धालुओं के प्रवेश की बात कही है। अब देखना है बदले हालात में उत्तराखंड सरकार क्या फैसला लेती है।

