हरिद्वार – उत्तराखंड में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार द्वारा युद्धस्तर पर प्रयास किये जा रहे है। सरकार का प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी लोगो को वैक्सीन लगाई जाए। वैक्सीन लगाने के लिए जहाँ स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात हैं वही धर्मनगरी हरिद्वार में उनके सहयोग के लिए शिक्षा विभाग में तैनात महिला टीचर भी फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में काम कर रही है। हरिद्वार में 15 शिक्षक इसमें शामिल हैं जिसमे महिला टीचर भी हैं जो वैक्सीनेशन सेंटरों पर बराबर अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही है।
कोरोना के खिलाफ जंग में सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोगो को वैक्सीन लगाई जाए। हरिद्वार बनाये गए वैक्सीनेशन सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग के साथ ही शिक्षा विभाग के 15 शिक्षक हैं जिसमें कई महिला टीचर की तैनाती भी की गई है। ये सभी टीचर सेंटर पर आने वाले लोगो के रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुकिंग से लेकर सभी आवश्यक कार्यों को बखूबी अंजाम दे रही है। इस मुश्किल दौर में जहाँ लोग घरों में कैद है वही ये महिलाएं भीड़ में काम कर अपनी जिम्मेदारी निभा रही है।
बहादराबाद ब्लॉक में तैनात सहायक टीचर नीलम का कहना है कि हरिद्वार में वैक्सीनेशन सेंटरों पर कई महिला सहायक टीचर्स की तैनाती की गई है। इस काम मे काफी रिस्क भी है, लेकिन कोरोना को रोकने के लिए वैक्सीनशन भी बहुत जरूरी है और जो ज़िमेदारी मिली है वह उसे पूरा करेंगी।
वही शिक्षिका सुनीता जोशी का कहना है कि उनके घर परिवार में बच्चे व अन्य परिजन भी है। सभी का ध्यान भी रखना है और देश के लिए अपना फर्ज भी निभाना है। इसलिए वो जब दिनभर काम करके घर जाती है तो सबसे पहले बच्चों को दूर रखकर खुद को सेनिटाइज करना पड़ता है। इस संक्रमण के दौर में पूरे दिन बाहर रहने के कारण बच्चों को भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन जब तक सभी लोगो को वैक्सीशन नही लग जाती तब तक वो अपना फर्ज निभाती रहेंगी।

