हरिद्वार – समाज में केवल पुरुष या स्त्री दो वर्गों में ना बट कर, थर्ड जेंडर को भी मान्यता दे रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण है किन्नर अखाड़ा। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी हरिद्वार के महिला महाविद्यालय में पहुँची जहाँ कॉलेज की अध्यापिकाओं ओर छात्राओं ने उनका स्वागत किया।

महिला महाविद्यालय में पहुँची किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि किसी भी समाज ओर देश के उत्थान के लिय शिक्षा बहूत आवश्यक है शिक्षा से ही समाज का उत्थान संभव है। उन्होंने कहा कि वैसे भी कहा गया है कि किसी भी देश या समाज को अगर आगे बढ़ना है, तो उस समाज या देश की माँ या महिला को शिक्षित होना आवश्यक है क्योंकि माँ ही एक बालक की पहली शिक्षक होती है।

वही इस अवसर पर महिला महाविद्यालय की संचालिका वीणा शास्त्री का कहना था कि आज समाज मे थर्ड जेंडर का भी उतना ही सम्मान है जितना किसी ओर का। क्योकि पुरूष हो या महिला या फिर कोई थर्ड जेंडर सभी ईश्वर की रचना है। अब तो संविधान में भी थर्ड जेंडर को समानता का अधिकार दे दिया गया है।

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