हरिद्वार – पंचायती अखाड़ा निरंजनी के स्वामी एवं शिवोपासना संस्थान, डरबन के संस्थापक श्रद्धेय स्वामी राम भजन वन महाराज ने कहा कि पृथ्वी पर माता दुर्गा का आगमन वाहन हाथी के साथ होता है, यह शुभ संकेत माना जाता है। शास्त्रों में हाथी को बुद्धि, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। ऐसे में देश की जनता के लिए यह कई तरह के शुभ संकेत और समृद्धि लाने की तरफ इशारा है।
स्वामी राम भजन वन महाराज ने कहा कि आश्विन नवरात्र साधना में जुटे साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि आध्यात्मिक व्यक्तित्व के विकास हेतु साधना आवश्यक है। साधना से ही साधक का चहुंमुखी विकास संभव है। स्वामी रामभजन वन महाराज ने कहा कि व्यक्ति के गुण, कर्म व स्वभाव का समुच्चय ही व्यक्तित्व है, जो कि उसके चिंतन, चरित्र व व्यवहार के माध्यम से अभिव्यक्त होता है। अध्यात्म विज्ञान के प्रखर वक्ता ने कहा कि साधना से व्यक्तित्व निरंतर परिष्कृत होता है। विश्व भर में जितने भी ऋषि-मुनि एवं समाज सुधारक हुए हैं, सबके जीवन में ऐसा ही देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर, सोमवार से देवी मां दु्र्गा की पूजा-आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि शुरू हो रहा हैं। ऐसे में हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व होता है। कुल चार नवरात्रि में चैत्र और शारदीय नवरात्रि पर घर-घर देवी मां विराजमान होती हैं। इस बार शारदीय नवरात्रि सोमवार के दिन शुरू होने के कारण माता का वाहन हाथी होगा। हालांकि हमेशा देवी की प्रतिमा में सिंह ही माता का वाहन होता है। लेकिन नवरात्रि के दिनों में जब देवी दुर्गा पृथ्वी पर आती हैं तो अलग-अलग वाहन में सवार होकर आती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि पर देवी के अलग-अलग वाहनों पर आना शुभ-अशुभ दोनों तरह के फल के संकेत होते हैं। इस बार शारदीय नवरात्रि पर माता का आगमन और विदाई दोनों ही हाथी की सवारी पर होगी। नवरात्रि के पर्व पर पृथ्वीलोक में माता का आगमन होता है और घर-घर स्थापित होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करती हैं। देवी भागवत पुराण में माता के आगमन पर उनकी सवारी के बारे में विस्तार से बताया गया है।
शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे।
गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥
उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व का शुभारंभ सोमवार या रविवार के दिन होता है तो माता हाथी पर बैठकर पृथ्वी लोक पर आती हैं। वहीं अगर नवरात्रि शनिवार या मंगलवार के दिन शुरू होती है तो माता की सवारी घोड़ा होता है। अगर शुक्रवार या गुरुवार के दिन नवरात्रि आरंभ होती है मां दु्र्गा डोली में सवार होकर आती हैं। बुधवार के दिन अगर नवरात्रि पर्व की शुरुआत होती है तो माता का वाहन नौका पर होता है। इस वर्ष 26 सितंबर 2022, सोमवार को शारदीय नवरात्रि शुरू हो रहे हैं ऐसे में माता हाथी पर सवार होकर आ रही हैं जो बहुत ही शुभ माना गया है।

