लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, आचार्य महामंडलेश्वर, किन्नर अखाड़ा

हरिद्वार – हरिद्वार महाकुंभ मेले में किन्नर अखाड़ा भी लोगो का आकर्षण बना हुआ है। इस अखाड़े को लेकर साधु संतों द्वारा कई तरह की बयानबाजी देखने और सुनने को मिल रही है। दो दिन पूर्व बैरागी संतो ने किन्नर अखाड़े को लेकर कई सवाल खड़े किए और यहाँ तक कहा की किन्नर संत सखी ने तो किन्नर अखाड़े के वजूद को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे जिसके बाद किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ने इन सवालों के जवाब दिए है।
कुछ दिनों से 14वे अखाड़े को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद गुरुवार की रात किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता कर कहा की किन्नर अखाड़ा 14वा नहीं है बल्कि किन्नर अखाड़ा अलग अखाड़ा है, उन्होंने कभी किन्नर अखाड़े को 14 वे अखाड़े जैसे नंबरो के चक्कर मे नही डाला। लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि किन्नर अखाड़ा सनातन परंपरा और संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।

गौरतलब है कि बीते दिनों अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत नरेंद्र गिरि ने 14वे अखाड़े को लेकर एक बयान दिया था उसके बाद बैरागी किन्नर संत सखी समेत बैरागी संतो ने भी इस पर टिप्पणी की थी। जिसके जवाब में आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ जुड़ा है। 2019 में उनका जूना अखाड़े के साथ अनुबंध हुआ था जिसमे साफ है कि किन्नर अखाड़ा था और रहेगा। किन्नर उप देवताओं में आते हैं, किन्नर भगवान शिव के प्रमुख गणों में है। उन्हें हमेशा टारगेट क्यों बनाया जाता है। किन्नर अखाड़े ने आखिर किसी का क्या बिगाड़ा है। यह भी कहा कि हरिद्वार वासी किन्नरों से बहुत प्रेम कर रहे हैं। हरिद्वार वासी पूरे जगत को यह दिखा रहे हैं कि सभी के साथ मिलकर चलना चाहिए और किन्नर अखाड़ा है किन्नर अखाड़ा था किन्नर अखाड़ा रहेगा।
वहीं उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़ा सुप्रीम कोर्ट जाकर अपने वजूद को लेकर आया है। किन्नरों के वजूद को लेकर फिर से सुप्रीम कोर्ट जाने का दम भी रखते हैं। यह जो सखी नाम की सखी एक बता रही है वह किन्नर अखाड़ा की नकल करती है। किन्नर अखाड़ा के सिंगार की नकल करके अपना सिंगार करती है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहती और ना ही किसी की धमकियों से डरती है वह हरिद्वार में महाकुंभ मेले मे शामिल होने आई है।

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