देहरादून, 25 मई – टिहरी में आयोजित रामलीला महोत्सव के चतुर्थ दिवस का मंचन रविवार को भव्य राम बारात के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में प्रारंभ हुआ। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम और माता सीता के स्वयंवर का मनमोहक दृश्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं कैकई द्वारा राजा दशरथ से श्रीराम को वनवास देने का वरदान मांगने तथा श्रीराम द्वारा माता सीता को वनवास की सूचना देने के भावुक प्रसंग ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रामलीला मंचन के दौरान स्वयंवर प्रसंग को पारंपरिक उल्लास भव्यता एवं धार्मिक श्रद्धा के साथ प्रस्तुत किया गया। वहीं वनवास प्रसंग की मार्मिक प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भावुक बना दिया।
कलाकारों के जीवंत अभिनय संवाद अदायगी एवं प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष उदय रावत उपस्थित रहे। उन्होंने रामलीला समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी परंपराओं संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराते हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुमन सजवान, अरविंद सिंह, सजवान जगदम्बा रतूड़ी, रविंदर राणा, ए. पी. बाजपेई, डी. एस. चौहान, अवधेश गुप्ता, ममता उनियाल, लता पांडे तथा सुमन कुमार उपस्थित रहे। रामलीला समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल एवं समिति के पदाधिकारियों द्वारा सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर संयोजक देश भूषण गोदियाल संरक्षक एवं संचालक सतीश थपलियाल, कमल सिंह, महर महावीर उनियाल, देशभूषण जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश लांबा, उपाध्यक्ष भगवान चंद रमोला, महासचिव, अमित पंत, निर्देशक, अनुराग पंत सहित समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
