हरिद्वार, 7 नवंबर – कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के अंतर्गत तीन अस्थायी पुलों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग शासनादेशों के माध्यम से एक ही कार्य के लिए बार-बार धनराशि स्वीकृत किए जाने संबंधी प्रसारित समाचार को कार्यदायी संस्था अवस्थापना खंड सिंचाई विभाग रुड़की के अधिशासी अभियंता श्री मनोज कुमार ने भ्रामक एवं तथ्यों से परे बताते हुए स्पष्ट किया है कि तीनों शासनादेश अलग-अलग तकनीकी प्रकृति के कार्यों के लिए जारी किए गए हैं। इनमें किसी भी कार्य की पुनरावृत्ति नहीं की गई है।

अधिशासी अभियंता ने बताया कि 14 अक्टूबर 2025 को जारी शासनादेश के अंतर्गत जारी स्वीकृति के क्रम में तीन अस्थायी पुलों से संबंधित मैकेनिकल प्रकृति के कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें पुलों को स्टोर से कार्यस्थल तक लाने, स्थापित करने, चेकर्ड प्लेट एवं राफ्टर बदलने, पुलों की मरम्मत और पेंटिंग के साथ ही कुंभ मेला समाप्त होने के बाद पुलों को डिस्मेंटल कर पुनः स्टोर में सुरक्षित रखने का कार्य शामिल है। इसके अतिरिक्त पुलों की पांच वर्ष तक सुरक्षा का प्रावधान भी इसी कार्य में सम्मिलित है। उन्होंने बताया कि 27 मार्च 2026 को जारी शासनादेश के अंतर्गत रैंप निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। यह मैकेनिकल कार्य से अलग सिविल प्रकृति का कार्य है। इसके अंतर्गत एस्केप चैनल के डाउनस्ट्रीम की ओर रैंप बनाए जाते हैं। तकनीकी एवं कार्यगत आवश्यकताओं के अनुसार इनका निर्माण गंगा नहर बंदी के बाद तथा कुंभ मेला प्रारंभ होने से पहले किया जाना होता है। इसलिए रैंप निर्माण को पुलों की मैकेनिकल मरम्मत एवं स्थापना के कार्य से अलग रखा गया है।

इन तीन अस्थाई फ्लू की स्थापना के लिए पहले से बने 11 कंक्रीट पियर्स की मरम्मत का कार्य हेतु 33 लाख 06 हजार रुपये की धनराशि
स्वीकृत की गई है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पिछले गंगा नहर क्लोजर के दौरान अस्थायी पुलों की स्थापना करते समय पूर्व निर्मित इन पियर्स में मरम्मत की आवश्यकता सामने आई थी। इसके बाद तकनीकी आवश्यकता के आधार पर इस कार्य की नियमानुसार स्वीकृति प्राप्त की गई।

अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि तीनों कार्यों की प्रकृति, तकनीकी आवश्यकता और कार्य निष्पादन की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। इन्हें एक ही कार्य के अलग-अलग एस्टीमेट अथवा एक कार्य की पुनरावृत्ति के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 के अंतर्गत सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप संपादित किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर शासनादेशों को अलग-अलग कार्यों के तकनीकी संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत करने के कारण अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तीनों शासनादेश अलग-अलग कार्यों की आवश्यकताओं के अनुरूप जारी किए गए हैं।

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