उत्तराखंड – जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज की 99 बर्ष की अवस्था में ह्रदय गति रुकने के कारण ब्रह्मलीन हो गए हैं।

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