हरिद्वार – महानगर व्यापार मंडल के व्यापारियों ने जिलाध्यक्ष सुनील सेठी के नेतृत्व में बस अड्डे के बाहर विरोध जताते हुए सरकार से नए सत्र की स्कूलों की फीस, बिजली, पानी के बिलों में 50 प्रतिशत छूट की मांग की। सुनील सेठी ने कहा कि पिछले वर्ष स्कूलों ने दवाब में पूरी फीस वसूली। ऑन लाइन क्लास के नाम पर भी अभिवावकों का उत्पीड़न किया गया। जैसे तैसे अभिवावकों ने फीस जमा करवाई लेकिन फिर हरिद्वार के व्यापार पर संकट के बादल छाने के बाद अभिवावक अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है। जल्द ही नया सत्र शुरू होने वाला है आर्थिक रूप से टूट चुके अभिवावक पूरी फीस जमा करने में असमर्थ है ओर सरकार पिछले साल से सिर्फ कोरी घोषणाओं के अलावा धरातल पर कोई राहत जनता को नही दे पाई। अब सरकार को सत्र के शुरुआत के पहले से ही राहत देते हुए घोषणा करनी चाहिए और जबरन दवाब बनाने वाले स्कूलों पर सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए। क्योकि सरकार के निर्णयों या आदेशो के बाद भी पब्लिक स्कूल अपनी मनमानी करते हुए लगातार अभिवावकों पर दवाब बनाने का कार्य पूर्व से करते आ रहे है।
महानगर अध्यक्ष जितेंद्र चौरसिया एवं महामंत्री नाथीराम सैनी ने संयुक्त रूप से कहा कि हरिद्वार के व्यापार पर पुनः कोरोना का संकट गहराने से व्यापारीवर्ग हो या आमजनमानस परेशान नजर आ रहा है। सरकार के उलटे सीधे बयानों से जनता परेशान है। कोई राहत सरकार जनता को नही दे रही। बिजली, पानी के बिलों को जमा करने को लेकर विभाग लगातार जनता को परेशान कर रहे है। सरकार को चाहिए कि वो जनहित में हरिद्वार की जनता का दर्द समझते हुए बिजली पानी के बिलों में 50 प्रतिशत तक छूट की घोषणा कर जनता को राहत दे। सिर्फ सरचार्ज माफ करके जनता को कुछ राहत नही मिलने वाली कम से कम 50 प्रतिशत की छूट से ही कुछ राहत प्राप्त होगी।
मांग करने वालो में मुख्य रूप से मुकेश अग्रवाल, उमेश चौधरी, राजेश भाटिया,कुलदीप काका, सुनील कुमार, हन्नी दामिर, हर्ष गम्भीर, बनारसी दास, मोहित कुमार, रवि जोशी, सोनू चौधरी, सचिन शर्मा, राजेश कुमार, प्रवीण शर्मा, विनय कुमार, राहुल अरोड़ा, देवेंद्र कुमार, पंकज कुमार, गणेश शर्मा, संजय तनेजा, मनोज शर्मा, गौरव कुमार उपस्तिथ रहे।

