हरिद्वार – कुंभ मेले के शाही स्नान को सकुशल संपन्न कराना मेला प्रशासन और मेला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती  है। शाही स्नान में सभी अखाड़ों के हजारों की संख्या में नागा सन्यासी और अन्य साधु संतों के साथ शाही स्नान किया जाता है। आगामी 11 मार्च को महाशिवरात्री का शाही स्नान है और इसमें सात सन्यासी अखाड़े से जुड़े साधु संत शाही स्नान करेंगे। जिसकी तैयारियों के सम्बन्ध में कुम्भ मेला आईजी संजय गुज्याल ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और सन्यासी सात अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में अखाड़ों के स्नान क्रम को लेकर चर्चा की गई।


कुम्भ पर्व के महाशिवरात्री के पहले शाई स्नान पर सन्यासियों के सात अखाड़े स्नान करते है। स्नान क्रम को लेकर निरंजनी अखाडे में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष की अध्यक्ष्ता में सातों अखाड़ो के पदाधिकारियों की कुम्भ मेला आईजी संजय गुंज्याल के साथ बैठक हुई। कुम्भ मेला आईजी संजय गुंज्याल ने बताया कि पूर्व की भांति इस बार भी सभी अखाड़े अपने-अपने समय और क्रम के अनुसार शाही स्नान करेंगे। शिवरात्रि के शाही स्नान सबसे पहले जूना, आव्हान और अग्नि अखाड़ा 11 बजे तक ब्रह्मकुंड पहुंच कर स्नान करेगा। निरंजनी और आनंद अखाड़ा 1 बजे स्नान करेगा। महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा 4 बजे शाही स्नान करेगा। इसको देखते हुए श्रद्धालु 8 बजे तक ही हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड में स्नान करेंगे। उसके बाद श्रद्धालुओं के हर की पौड़ी स्नान पर प्रतिबंध रहेगा। संजय गुंज्याल का कहना है कि शहर के कोर क्षेत्र में किसी भी वाहन की आवजाही की मनायी रहेगी। साथ ही सभी मार्ग वन-वे रहेगें। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था गौरी शकर बैरागीनीलधारा और पावन धाम पर की गई है। ज्यादा भीड़ आने पर धीरवाली और दक्ष की पार्किंग को भी यूज़ किया जाएगा। संजय गुंज्याल का  कहना है कि शिवरात्रि का शाही स्नान सरकार की नोटिफिकेशन में नहीं है। मगर मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है शाही स्नान पर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
महाशिवरात्रि के शाही स्नान पर सभी अखाड़े अपने-अपने कर्म के अनुसार शाही स्नान करेंगे। रविवार को मेला पुलिस प्रशासन के साथ बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार की गई। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरी ने बताया कि जो सन्यासियो के सात अखाड़े महाशिवरात्री के दिन शाही स्नान करेगें। उन्हीं के क्रम को लेकर कुंभ मेला पुलिस के तमाम अधिकारियों के साथ बैठक की गयी और शाही स्नान में सभी व्यवस्था चाक-चौबंद रहे इसको लेकर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि पूर्व के कुम्भों की भांति ही इस बार भी वहीं क्रम रखा गया है। सभी सातों अखाड़े अपने नियत समय से अखाड़ों से निकलेगें और हरकी पैड़ी पर शाही स्नान करेगें।
महाशिवरात्रि पर पहले शाही स्नान में जूना आव्हान और अग्नि द्वारा शाही स्नान किया जाएगा। जूना अखाड़ा केेे अध्यक्ष महंत प्रेम गिरी का कहना है की महाशिवरात्रि के शाही स्नान पर्व को लेकर सभी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। सभी संन्यासी अखाड़ों द्वारा अपनी व्यवस्थाओं को लेकर मेला पुलिस को अवगत कराया गया। इनका कहना है कि जूना अखाड़े के साथ आव्हान और अग्नि अखाड़ा स्नान करता है। इस कारण साधु संतों की संख्या अधिक होती है। उनके द्वारा एक घंटा पहले अपने-अपने अखाड़ों से निकल जाएगा। जिससे दूसरे अखाड़ों को स्नान करने में कोई परेशानी का सामना ना करना। उनके द्वारा समय के अनुसार शाही स्नान किया जाएगा सरकार की सभी व्यवस्थाओं का पालन किया जाएगा।

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