गोपाल रावत
हरिद्वार, 27 मई – हरिद्वार में 2027 को होने वाले महाकुंभ के साथ-साथ 2027 में नासिक तथा 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारी भी अखाड़ों द्वारा बड़े जोर शोर से की जा रही है।अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी व सभी तेरह अखाड़ों के वरिष्ठ पदाधिकारी शासन, कुंभ मेला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव के साथ मिलकर सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं, तथा आवश्यक सुझाव भी दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि पूज्य संतजनों की भावना, सनातन संस्कृति की गरिमा और परंपराओं के अनुसार भव्यता के साथ सिंहस्थ 2028 का आयोजन होगा। गंगा दशहरा पर उन्होंने उज्जैन में मां शिप्रा का पूजन-अर्चन कर सभी संतों का चादर ओढ़ाकर अभिनंदन किया व आशीर्वाद लिया।

उर्घ्वाम्नाय श्रीकाशीसुमेरू पीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज की अध्यक्षता में आयोजन हुआ। जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के पावन सानिध्य तथा श्रीमहंत डॉ रविंद्र पुरी महाराज व श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन में मां शिप्रा का पूजन-अर्चन किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ मोहन यादव ने सबसे पहले दातार अखाड़ा में पूजा-अर्चना की व गादीपति श्रीमहंत सुंदर पुरी महाराज को मत्था टेका। इसके बाद मां शिप्रा की पूजा में शामिल हुए। उन्होंने जगतगुरू शंकराचार्य, श्रीमहंत हरि गिरि, श्रीमहंत रविंद्रपुरी, श्रीमहंत प्रेम गिरि, श्रीमहंत उमाशंकर भारती समेत सभी संतों का चादर ओढाकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि भगवान महाकाल व मां गंगा की कृपा से सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 बहुत दिव्य व भव्य होगा। विश्व के सबसे बडे मेले में मां शिप्रा में डुबकी लगाने से लोगों को धर्म, आस्था व शांति की दिव्य अनुभूति होगी। सभी संतों के आशीर्वाद से यह मेला ऐतिहासिक साबित होगा।

जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 दिव्य, भव्य व ऐतिहासिक बने, इसके लिए संतों का पूर्ण सहयोग रहेगा। भगवान महाकाल व मां शिप्रा की कृपा से मेले का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा।
श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि सिंहस्थ की सबसे बडी चुनौती मां शिप्रा को शुद्ध करना था। CM के संकल्प से आज मां शिप्रा का जल शुद्ध व स्वच्छ हो गया। भगवान के स्मरण से शुरू कार्य में सभी बाधाएं ऐसे दूर होती हैं जैसे सूर्य निकलने पर अंधकार।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष
श्रीमहंत डॉ रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को भव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयास सराहनीय हैं। श्रीमहंत हरि गिरि के मार्गदर्शन में हो रही तैयारियां इसे अब तक का सबसे सफल कुंभ बनाएंगी। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज बोले कि CM के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्य से सिंहस्थ 2028 सफलता का नया इतिहास रचेगा।

मुख्यमंत्री ने नील गंगा आश्रम में मां गंगा की प्रतिमा का पूजन किया और मैथली ठाकुर की भजन संध्या में शामिल हुए। दातार अखाडा में हवन की पूर्णाहुति हुई।

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