हरिद्वार – हरिद्वार के अमेरिकन आश्रम में विश्व सनातन महापीठ की उद्घोषणा और शिला न्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, अनिरुद्धाचार्य, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी और परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, संत स्वामी राज राजेश्वर समेत कई साधु संत और स्थानीय लोग मौजूद रहे। संत समागम में संतों ने हरिद्वार को मांस मदिरा मुक्त किए जाने की पुरजोर तरीके से बात कही।
भूपतवाला क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने जहां देश में सनातन बोर्ड के गठन की मांग की तो वहीं उन्होंने तीर्थ स्थलों को मांस और मदिरा से मुक्त किए जाने की भी बात कही। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि अन्य तीर्थ स्थलों की तरह हरिद्वार को भी मांस मदिरा मुक्त किया जाना चाहिए। सनातन की रक्षा के लिए हम सबको मिलकर सरकारों से इसके लिए निवेदन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अन्य धर्मों के बच्चों को धर्म की शिक्षा दी जाती है, उसी तरह से सनातन को बचाने के बच्चों को धर्म की शिक्षा देनी चाहिए।
वहीं दूसरी और कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य ने राम और भरत को पढ़ाए जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि सीबीएसई बोर्ड जो पढ़ा रहा है वो सब सही है। अब राम और भारत को भी पढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में बॉलीवुड लव जिहाद को बढ़ावा दे रहा है, इस पर रोक लगनी चाहिए।
संत राज राजेश्वर ने कहा कि 16 से भी अधिक प्रकल्प विश्व सनातन महापीठ का है, सनातन को विश्व तक पहुंचने के लिए यह बड़ा काम हो रहा है। सनातन पीठ में संतों का कुम्भ लगा है।
गौरतलब है कि हरिद्वार में बाबा हठयोगी और रामविशाल दास महाराज के द्वारा विश्व सनातन महापीठ बनाने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए उन्होंने देशभर के तमाम बड़े मठ मंदिरों के धर्माचार्यों के साथ ही समाजसेवियों का सहयोग लिया है। शुक्रवार को महापीठ का शिला पूजन किया गया जिसमें कई बड़े साधु संत शामिल हुए। बाबा हठयोगी और रामविशाल दास महाराज के अनुसार पीठ का उद्देश्य है कि करीब 100 एकड़ भूमि पर सनातन महापीठ का निर्माण किया जाएगा। जिसमें विश्व सनातन संसद, सभी सनातन मंदिरों के प्रतिरूप, विश्वविद्यालय , चिकित्सालय ओर गौशाला आदि का निर्माण होगा। सभी सनातनियों को एकजुट किया जाएगा।

