हरिद्वार – खुब्बनपुर भगवानपुर निवासी सरदार सिंह ने अपने 13 वर्षीय नाबालिक बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 25 फरवरी को गुमशुदा कार्तिक का शव ग्राम खुब्बनपुर थाना भगवानपुर में गन्ने के खेत से बरामद हुआ था। प्रथम दृष्टया देखने से हत्या कर शव को गन्ने के खेत में फेंकना प्रकाश मे आया। जिसका पोस्टमार्टम कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार द्वारा स्वयं मॉनिटरिंग करते हुए टीम गठित कर हत्या के सफल अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे।
सीओ मंगलौर के नेतृत्व में SO भगवानपुर द्वारा 04 अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई 2 टीमों द्वारा घटनास्थल के आसपास के व गांव खुब्बनपुर के सभी सीसीटीवी फुटैज खंगाले गए व 02 टीमों द्वारा जांच में 19 फरवरी को गांव खुब्बनपुर में दो शादिया होना प्रकाश में आया। दोनो शादियों की वीडियो फुटेज खंगालने पर मृतक कार्तिक दिन की शादी में शामिल दिखा लेकिन रात की शादी में किसी वीडियो में दिखाई नही दिया। कार्तिक के बारे में उसकी हम उम्र के बच्चो व शादी में शामिल बैंड वाले, टेंट वाले व लगभग सैकड़ों लोगों से गहनता से पूछताछ करने पर भी कोई जानकारी हाथ नही लग पाई।
मृतक के परिजनो व अन्य गांव के बच्चो व व्यक्तियो के बयानो में यह बात आयी कि कार्तिक पैसे के लालच में आकर किसी के साथ भी चला जाता था परन्तु वह जान पहचान वाले के साथ ही जाता था। घटना में कोई लीड न मिलने पर एसएसपी डोबाल द्वारा स्वयं टीम का नेतृत्व करते हुए अपराध गोष्ठी में co मंगलौर को आवश्यक टिप्स देते हुए दोनो शादियों की वीडियो फुटेज व गांव के आसपास के सीसीटीवी फुटेज को गहनता से चेक करने व बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन करने हेतु निर्देशित किया गया जिसका सफल परिणाम मिला।
गांव के एक कैमरे में मृतक कार्तिक उपरोक्त एक व्यक्ति के साथ गांव से बाहर को जाने वाले मुख्य रास्ते पर जाता दिखाई दिया। पिता द्वारा मृतक बेटे की पहचान तो की गई पतंतु साथ वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई। उक्त व्यक्ति के पहने कपडो व चलने के ढंग से पुनः फोटो वादी व गांव के अन्य व्यक्तियो को पहचान के लिये दिखा कर गांव के अन्य सीसीटीवी कैमरो का पुनः अवलोकन कर लगभग 70, 80 व्यक्तियों का सत्यापन कर गहनता से पूछताछ की गई जिससे यह बात प्रकाश में आयी की यह व्यक्ति दिन में कंपनी में काम करता है इस आधार पर अलग-अलग अलग-अलग पुलिस टीमों द्वारा माहडी चौक के पास की फैक्ट्री में सत्यापन किया गया जिसमें कई संदिग्ध प्रकाश में आए जो दिन में ड्यूटी करते हैं तथा रात में जाते हैं परंतु फैक्ट्री में उक्त व्यक्ति के सत्यापन के संबंध में सबसे अधिक संदिग्ध व्यक्ति का नाम अजय शर्मा प्रकाश में आया जो खूबनपुर में किराए पर रहता है।
तत्पश्चात पुलिस टीम द्वारा उक्त अजय शर्मा को गांव में तलाश किया गया परन्तु उक्त व्यक्ति गांव में नही मिला जिसको पुलिस टीम द्वारा 15 मार्च को अमोरवेट कम्पनी को जाने वाले रास्ते से धर दबोचा गया जिसने पूछताछ में हत्या का पूरा राज खोला। अजय शर्मा अपने माता पिता व दो बच्चो के साथ ग्राम खुब्बनपुर में पिछले 6 माह से अपने रिश्तेदार राजीव शर्मा के यंहा किराये पर रह रहा है और उसकी पत्नी का देहांत वर्ष 2020 में हो चुका था वह अपने जानकार के माध्यम से एक औरत को दिनांक 18 फरवरी को माहडी चौक से साथ लेकर ग्राम खुब्बनपुर में गन्ने के खेत में लेकर गया।
वंहा पर पास में एक खाली प्लोट में मृतक कार्तिक एक अन्य बच्चे के साथ खेल रहा था जिसकी बॉल गन्ने के खेत में आ गयी और मृतक के द्वारा उसे औरत के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया उस समय मैनें कार्तिक को समझाया कि यह बात किसी को नही बताना परन्तु वह बच्चा नही माना व वंहा से भाग गया मैं कार्तिक को जानता था वह मेरे बच्चो के साथ गांव में ठेली पर चाऊमिन खाने जाता था मैं इस बात से घबरा गया कि अगर इसने यह बात मेरे परिवार वालो या गांव में किसी को बता दी तो समाज में मेरी बहुत बेईज्जती हो जायेगी। उस दिन शाम को मैनें काफी शराब पीकर कार्तिक को तलाश किया परन्तु यह मुझे नही मिला और मैं रात में भी नही सो पाया अगले दिन मैं सुबह ही कम्पनी मे चला गया। कंपनी से आने पर कार्तिक प्राईमरी स्कूल के पास मिला तभी मैने मन ही मन कार्तिक को ठिकाने लगाने का प्लान बना लिया और मैने उसे पैसे का लालच देकर आंटी से मिलने को कहकर अपने साथ ले लिया और गन्ने के खेत के पास बरसीन के खेत में ले जाकर अपने हाथो से कार्तिक का गला दबाकर जान से मार दिया और उसको उठाकर पास ही गन्ने के खेत में अन्दर फेक दिया ताकि उसे कोई देख न सके। अभियुक्त की निशांदेही पर घटना के दिन पहले कपड़े जूते बरामद किए गए।
पुलिस टीम –
प्रभारी निरीक्षक सूर्यभूषण नेगी
व0उ0नि0 प्रमोद कुमार
उ0नि0 शहजाद अली,
उ0नि0 विनय मोहन द्विवेदी
उ0नि0 पुनीत दनोषी ,
अपर उ0नि0 योगेन्द्र सिंह
अपर उ0नि0 बालाराम जोशी
हे0का0 256 विपिन शर्मा
हे0का0 325 गीतम सिंह
का0 956 संजय नेगी
का0 364 ललित यादव
का0 1147 मुकेश नोटियाल
का0 354 उवैदउल्लाह
का0 24 रविन्द्र राणा

