देहरादून – उत्तराखंड में पिछले कई दिनों के बाद मंगलवार को कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1 हज़ार नीचे आया। तो वहीं कोरोना से जान गवाने वालो की संख्या में भी कमी आई है। लेकिन प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बीच ब्लैक फंगस के मरीज़ों की बढ़ती संख्या ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं, प्रदेश में अब तक ब्लैक फंगस के 198 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जबकि ब्लैक फंगस की वजह से करीब दर्जन भर मरीज़ो की जान जा चुकी है।
हालांकि राहत की बात ये है कि दर्जन भर से ज्यादा ब्लैक फंगस के मरीज़ अस्पताल से ठीक होकर घर जा चुके हैं। राजधानी देहरादून में ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। जबकि नैनीताल और उधमसिंहनगर नगर में भी ब्लैक फंगस के मरीज़ मिले हैं।
वहीं सरकार का कहना है कि ब्लैक फंगस को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पास पूरी तैयारी है, ब्लैक फंगस के मरीज़ो के इलाज़ में कारगर इंजेक्शन की प्रदेश में कोई कमी है, ऐसे मरीजों पर पूरी निगरानी रखी जा रही है।
गौरतलब है कि प्रदेश में लगे कर्फ्यू की वजह से कोरोना के मामलों में तेज़ी से गिरावट देखने को मिल रही है, वहीं कोरोना की तीसरी लहर की संभावनों को देखते हुए प्रदेश सरकार तैयारियों में जुटी है, ऋषिकेश और हल्द्वानी में डीआरडीओ द्वारा निर्मित 500-500 का अस्पताल बनाया गया है, तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण तेज़ी से फैलने की बात सामने आ रही है जिसको लेकर भी प्रदेश स्वास्थ्य विभाग इन अस्पतालों में अगल से बच्चों के लिए आईसीयू बेड और वार्ड बनाने में जुटी है ताकि किसी भी खतरे से निपटा जा सके।

