हरिद्वार, 12 अगस्त – विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेला के संपन्न होने के बाद हरिद्वार नगर निगम के सामने अब शहर को कचरे से मुक्त करने की चुनौती है। चार करोड़ 80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच शहर के घाटों, सड़कों और कांवड़ पटरी पर बड़ी मात्रा में कचरा जमा हुआ। मेला समाप्त होते ही नगर निगम ने पूरे शहर में विशेष सफाई अभियान शुरू कर दिया है।
नगर निगम की टीमें दिन रात सफाई में जुटी हैं। सबसे पहले हरकी पैड़ी क्षेत्र में साफ सफाई कराई गई और अब गंगा से सटे अन्य घाटों पर सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। नगर निगम के 1000 के करीब कर्मचारी घाटों पर सफाई अभियान में जुटे हैं। इसके साथ ही जिला पंचायत और परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी साफ सफाई शुरू कर दी है। कूड़ा एकत्रित करने के बाद इसे पृथक कर रीसाइकिल किया जाएगा। पूरे कांवड़ मेले की अवधि के दौरान शहर में 7000 मीट्रिक तक कूड़ा एकत्र हुआ था और गंगा घाटों पर करीब 4500 मीट्रिक टन तक कूड़ा जमा हो गया था।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि महाशिवरात्रि के बाद कांवड़ यात्रा का समापन होते ही बीते मंगलवार शाम से सफाई अभियान तेज कर दिया गया था। डाक कांवड़ के दौरान सड़कों और संकरी गलियों में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के कारण कई स्थानों पर कचरा एकत्र हो गया था। सबसे पहले घाटों और प्रमुख मार्गों की सफाई को प्राथमिकता दी गई। हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, अलकनंदा, बिरला और विष्णु घाट समेत करीब 95 प्रतिशत घाटों की सफाई पूरी कर ली गई है। इसके अलावा जिलाधिकारी के निर्देश पर अन्य विभाग भी सफाई अभियान में जुटे हुए हैं।

