हरिद्वार – कोरोना को लेकर लोगों में दहशत है। संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, और कोरोना से हो रही मौतों के आंकड़े भी लोगों को डराने लगे हैं। विपक्ष कोरोना से हो रही मौतों के आंकड़ों को कम दर्शाने का आरोप लगाता रहा है। क्या सच में आंकड़े छुपाने की कोशिश हो रही है, हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हरिद्वार के एक अस्पताल में कोरोना से हुई मौतों के आखडे को समय पर दर्शाया नहीं गया। नियमों की अनदेखी करके आखिर ऐसी लापरवाही अस्पताल कैसे कर सकता है।

हरिद्वार के डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में 24 अप्रैल से 12 मई के बीच कोरोना से हुई 65 मौतों की जानकारी को स्टेट कॉविड कंट्रोल रूम को नहीं दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की जांच के बाद मामला सामने आया। हरिद्वार के 500 बेड वाले बाबा बर्फानी अस्पताल में इससे पहले भी कई अव्यवस्थाएं सामने आ चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी के चलते डाटा अपडेट नहीं हो पाया है। वही हरिद्वार जिलाधिकारी सी0 रविशंकर ने इस मामले की गहनता से जाँच करने के आदेश दिए है।

हालांकि जिलाधिकारी सी0 रविशंकर का ये भी कहना है कि किसी खास मकसद से आंकड़े छुपाए नही गए है बल्कि प्रारंभिक जाँच में ये सामने आया है कि अस्पताल में मरने वालों का डाटा एंट्री करने वाला डॉक्टर छुट्टी पर था इसलिए आँकड़े जारी करने में देर हुई है। वही उन्होंने ये भी कहा कि फिर भी आँकड़े समय से नही डाले गए और उनके द्वारा इस मामले की गहनता से जाँच के आदेश दिए गए है।

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