हरिद्वार – हरिद्वार के बैरागी कैम्प में अवैध अतिक्रमण को तोड़े जाने की कार्रवाई से नाराज संतो ने अपना अनशन मुख्यमंत्री की पहल पर समाप्त कर दिया है। अनशनकारी संतो ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी मान लिया है।
दरअसल कुम्भ मेले के दौरान बैरागी अखाड़ों से जुड़े संतो ने हरिद्वार के बैरागी कैम्प में स्थित सिंचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कर लिया था, 15 मई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रशासन की टीम ने जेसीबी से इस निर्माण को तोड़ दिया। प्रशासन की कार्रवाई से नाराज तीनों बैरागी अखाड़े के संत 16 मई को धरने पर बैठ गए और बुधवार को अनशनकारी संतो ने आत्मदाह की चेतावनी दे डाली। जिससे प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री की पहल पर गन्ना मंत्री स्वामी यतिस्वरानंद, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज और सचिव रविद्र पुरी महाराज बैरागी कैंप पहुंचे और अनशन कारी संतो से अनशन समाप्त करने की अपील की। इस अपील पर संतो ने अपने अनशन को समाप्त कर दिया। वही अनशन कारी संत सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने के लिए भी तैयार हो गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *