हरिद्वार – पूरे देश मे फैली कोरोना महामारी ने ईद के त्यौहार को फीका कर दिया। केवल 5 लोगो ने ही सांकेतिक रूप ईदगाह में नमाज अदा की और देश में कोरोना मुक्ति की दुआ की। इस दौरान सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पूर्णतया पालन किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वही मुस्लिम समाज के लोगों ने भी हरिद्वार जिला प्रशासन द्वारा की गई अपील को माना।
इस दौरान बाबा खैर अली शाह ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए गाइडलाइंस का पालन करना बेहद जरूरी है। इसलिए उन्होंने इसका पालन करते हुए देश में अमन और चैन के साथ ही कोरोना मुक्ति की दुआ भी मांगी है।
वही सीओ सिटी अभय सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए पहले से ही मुस्लिम समाज के धर्मगुरुओं और जिम्मेदार लोगों से घरों में रहकर ही ईद का त्यौहार मनाने की अपील की गई थी। पुलिस की अपील का सभी ने पालन किया और सहयोग किया इसलिए केवल ईदगाह में 5 लोगों ने ही नमाज अदा की है।
गौरतलब है कि कोरोना ने ईद के त्यौहार को भी फीका कर दिया। जहां इस दिन बड़ी संख्या में लोग ईदगाह में जाकर नमाज पढ़ते और एक दूसरे को गले लगा कर मुबारकबाद देते थे वहीं इस बार ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। सार्वजनिक रूप से इस बार ना तो गले लगाकर मुबारकबाद दी गई और ना ही एक दूसरे को मिठाई बांटी गई। क्योंकि कोविड-19 के कारण हरिद्वार समेत पूरे उत्तराखंड में 10 बजे तक ही दुकानें खोलने की अनुमति है। गाइडलाइंस का पालन करते हुए ईद का त्यौहार मना रहे हैं।

