हरिद्वार, 19 अक्टूबर – देशभर में आज दुर्गा अष्टमी और रामनवमी का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। नवरात्र के पावन दिनों में हरिद्वार के सुरेश्वरी मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है। राजाजी टाइगर रिजर्व के घने जंगल के बीच सूरकूट पर्वत पर माँ सुरेश्वरी देवी मंदिर स्थित है। वैसे तो सालभर इस पौराणिक मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। लेकिन नवरात्र के दिनों में मंदिर की छठा अलग ही देखने को मिलती।
मान्यता है कि यहां सुर पर्वत पर इंद्र आदि देवताओं ने मां भगवती की तपस्या की थी और प्रसन्न होकर मां भगवती ने देवताओं को राक्षसों से मुक्ति दिलाई थी। सुर यानी देवता को मुक्ति दिलाने के बाद मां भगवती सुरेश्वरी देवी के रूप में पूजी जाने लगी।
घने जंगल के बीच इस मंदिर में माँ भगवती सिद्धपीठ के रूप में विराजमान है, मां भगवती को यहां सुरेश्वरी देवी के नाम से जाना जाता है। पुजारियों के अनुसार, स्कन्दपुराण के केदारखंड में भी इस मंदिर का उल्लेख है।
मंदिर के मुख्य पुजारी बताते है कि प्राचीन काल मे जब चंद्रवंशी राजा रजी के पुत्रों ने देवलोक पर अपना अधिकार स्थापित कर लिया था तब भगवान विष्णु की प्रेरणा से देवताओं के राजा देवराज इंद्र ने इसी सूरकूट पर्वत पर माँ भगवती की स्तुति की थी। स्तुति से प्रसन्न होकर माँ भगवती ने देवराज इंद्र को दर्शन दिए और असुरों से मुक्ति दिलाई। उसके बाद इसी स्थान पर माँ भगवती विराजमान हो गई और आज तक भक्तों का कल्याण करती आ रही है। मंदिर ट्रस्टियों के अनुसार यहां सालभर भक्तों की भीड़ जमा रहती है लेकिन नवरात्र के दिनों में भीड़ और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
