हरिद्वार – हरिद्वार के बैरागी कैम्प में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ की कार्रवाई से नाराज बैरागी संत धरने पर बैठ गए है। धरने पर बैठे साधु संतों ने प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को गलत ठहराया है। इतना ही नही साधु संतों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर पैसे लेने और गलत रिपोर्ट देने का आरोप भी लगाया है।

गौरतलब है कि हरिद्वार के बैरागी कैंप में कुंभ मेले के दौरान साधु संतों ने अवैध निर्माण खड़ा कर लिया था। कुंभ मेले के समापन के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हरिद्वार प्रशासन ने बीते शनिवार को इन निर्माणों को तोड़ दिया। इस दौरान साधु संतों ने अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन की टीम के साथ धक्कामुक्की भी कर दी। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज साधु संतों ने रविवार को धरना शुरू कर दिया। निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्रदास ने कहा कि बैरागी कैम्प में सिंचाई विभाग की भूमि पर हमेशा से कुम्भ मेले में बैरागी संतो की छावनियां लगती आयी है। उन्होंने इस क्षेत्र में उतना ही अतिक्रमण किया जितनी जरूरत थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उनसे पैसे लेकर भी गलत रिपोर्ट पेश की। उनके साथ ही कुछ साधु संत बैरागी कैम्प में अतिक्रमण करना चाहते और कर भी रहे है इसलिए उन्होंने थोड़ा अतिक्रमण करके मंदिर निर्माण कराया था जिसे प्रशासन ने तोड़ दिया। अब सब बर्दाश्त नही किया जाएगा और जब तक उनकी मांग पूरी नही होगी तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

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