हरिद्वार, 27 जून – वर्षा ऋतु के दौरान गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने जनपद में संचालित सभी आरबीएम (रेत, बजरी एवं बोल्डर) चुगान तथा मिट्टी खुदाई पर 30 जून, 2026 के सूर्यास्त के बाद से अग्रिम आदेशों तक पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि यह आदेश निदेशक, भूतत्त्व एवं खनिकर्म इकाई, उद्योग निदेशालय उत्तराखण्ड द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है। इसके तहत जनपद में आरबीएम चुगान एवं मिट्टी खुदाई के लिए जारी सभी अनुज्ञापत्र एवं अनुमतियां 30 जून, 2026 के सूर्यास्त के बाद से अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगी। उन्होंने सभी पट्टाधारकों एवं अनुज्ञाधारकों को निर्देशित किया है कि निर्धारित समय के बाद आरबीएम चुगान एवं मिट्टी खुदाई का कार्य तत्काल बंद करना सुनिश्चित करें। साथ ही चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करते हुए खनन कार्य करते पाए जाने पर उसे अवैध खनन माना जाएगा तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित खनन नियमावली एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित विभागों एवं प्रवर्तन एजेंसियों को भी निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध अवधि के दौरान खनन गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार के अवैध खनन की सूचना मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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