ब्यूरो रिपोर्ट, नैनीताल
रामनगर (नैनीताल) – कोरोना काम में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का खामियाजा आम लोगों को उठाना पर रह है। मरीज़ इलाज़ के लिए हॉस्पिटलों के चक्कर लगा रहे हैं, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत मंगलवार को सरकारी अस्पताल की लगातार मिल रही अव्यवस्थाओं की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान विधायक दीवान सिंह बिष्ट भी उनके साथ रहे। बंशीधर भगत ने प्रबंधकों को अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक करने का निर्देश दिए, आपको बता दें कि रामनगर के सरकारी अस्पताल को बेहतर करने और मरीज़ों को सही इलाज उपलब्ध हो इसको धयन में रखते हुए पूर्व में प्रदेश सरकार द्वारा इसे पीपीपी मोड पर दे दिया गया था। पीपीपी मोड पर जाने के बाद भी मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ना के बराबर ही मिल रहा है। लिहाज मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में महंगे दामों पर उपचार कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत व अस्पताल संचालक के बीच व्यवस्थाओं को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई यहां तक की अस्पताल के संचालक ने मंत्री के सामने यह तक कह डाला कि आप जिस माहौल में बात कर रहे है उस माहौल में मैं बात नहीं करूंगा। इतना सुनते ही मंत्री बंशीधर भगत का पारा चढ़ गया मंत्री जी ने कहा कि तुम मुझे बताओगे किस माहौल में बात करनी है। मामला बिगड़ता देख मौके पर मौजूद अधिकारी ने मामले को शांत करवाया।
कैबिनेट मंत्री भगत ने कहा कि अस्पताल में ब्लड बैंक शुरू करने की मंजूरी 2007 में मिल गई थी। लेकिन आज तक यह चालू नहीं हो पाया है जबकि इसका लाइसेंस भी 3 माह पूर्व मिल चुका है। ब्लड बैंक शुरू न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 1 सप्ताह के भीतर इसे शुरू कर दिया जाएगा तथा अस्पताल में यदि किसी का सिटी स्कैन नहीं होता है तो उनको अवगत कराएं तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रामनगर के इस अस्पताल को शीघ्र ही 100 बेड का कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी चल रही है। इसकी अनुमति सरकार द्वारा शीघ्र दे दी जाएगी तथा अस्पताल में ऑक्सीजन को लेकर पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार मिलना चाहिए।

