हरिद्वार, 16 अक्टूबर – पूर्व न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय मानव अधिकार कमेटी के मुख्य राष्ट्रीय संयोजक आनंद वर्धन ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि आमजन को कानून के अधिकारों के प्रति जागरूक करना ही कमिटी का उद्देश्य है। जागरूकता के अभाव में आम आदमी अपनी बात कहने से हिचकिचाता है और न्याय पाने के लिए उसे भटकना पड़ता है। संविधान की जानकारी न होने के अभाव में न्याय पाना मुश्किल हो जाता है।

प्रैसवार्ता के दौरान पूर्व न्यायाधीश आनंद वर्द्धन ने राष्ट्रीय मानव अधिकार कमेटी के सदस्यों की घोषणा भी की और कहा कि कमेटी के सदस्य लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे। दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ट्रेन, बस का संचालन रोकने और बेरीकेट लगाने से आम आदमी के अधिकारों का हनन होता है। जनता के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। आम आदमी को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। बुद्धि, विवेक, ज्ञान से ही समाज को जागृत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को न्याय पाने का अधिकार है। संगठन लगातार कानूनी अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही राज्यपाल से भेंट कर हाईकोर्ट की बेंच हरिद्वार या देहरादून में स्थापित करने की मांग भी की जाएगी।

इस दौरान नेपाल सिंह कश्यप, चंदन कुमार शर्मा, डा.रीना सिंह, अजय कुमार, कंचन भंडारी आदि भी मौजूद रहे।

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