हरिद्वार – बीते शनिवार को हरिद्वार नगर निगम की बोर्ड बैठक में मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर पर रोपवे चलाने वाली कंपनी उषा ब्रेको की लीज अवधि को बढ़ाकर 30 साल कर दिया गया। जबकि इस कंपनी और नगर निगम के बीच बकाए करोड़ों रुपयों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। जैसे ही लीज अवधि बढ़ाने की खबर सामने आई तो इसका विरोध शुरू हो गया। कांग्रेस की मेयर अनीता शर्मा को अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रदीप चौधरी के विरोध के बाद अब पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी महाराज ने भी इस अनुबंध को असंवैधानिक करार दिया है।
मीडिया को जारी बयान में सतपाल महाराज ने कहा कि शनिवार को हुई बोर्ड बैठक का कोई औचित्य नहीं रह जाता इस बैठक में नगर निगम के पार्षदों, अधिकारियों के साथ ही कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे थे। उनके कार्यकाल में भी उन्होंने उषा ब्रेको कंपनी की मनमानी को नहीं चलने दिया और इसके खिलाफ न्यायालय में जाकर लड़ाई भी लड़ी। उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के पार्षदों और मेयर अनीता शर्मा की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि बात-बात पर मेयर का विरोध करने वाले भाजपा पार्षदों की चुप्पी भी बड़े सवाल पैदा कर रही है।
बीजेपी पार्षदों ने पता नहीं कौन सी घुट्टी पी ली थी कि उन्होंने इसका विरोध तक नहीं किया। सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि सबसे बड़े दुख की बात है कि पार्षद और मेयर को 1 दिन का भी सब्र नहीं हुआ की एक दिन पहले ही नगर निगम के एक पार्षद की मौत हो गई और अगले दिन ही बोर्ड बैठक बुला कर 15 मिनट में प्रस्ताव पास कर दिया गया। इतना ही नहीं सतपाल ब्रह्मचारी ने हरिद्वार नगर निगम की मेयर अनीता शर्मा, विधायक मदन कौशिक और सांसद से यह भी मांग की है कि करोना काल में आर्थिक तंगी झेल रहे हरिद्वार के छोटे कारोबारियों का भी 1 साल का टैक्स माफ किया जाए।

